फिरोजाबाद, धनगर समाज द्वारा ग्राम पंचायत पचोखरा में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि मनाने के साथ मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर संगोष्ठी का आयोजन किया ।संगोष्ठी के अवसर पर धनगर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मानव अधिकार सर्वेक्षण के अध्यक्ष भंवर सिंह धनगर एडवोकेट कहा कि भारत की भूमि पर दिव्य गुण वाले रतन ने जन्म लिया है, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर उन रतन में से अग्रणी थी, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर कुशल प्रशासक संगठन कर्ता एवं धर्म परायण महिला थी।
उनकी सेवा में कोई भी जाति भेद नहीं था, अपने पति खंडेराव होल्कर के देहवासन युद्ध में होने पर महान दुख झेलकर भी धैर्यनहीं छोड़ा। और शासन की बागडोर अपने हाथों में लेकर 30 वर्षों तक शासन किया वत्सल प्रजा और जनता ने उन्हें लोकमाता की उपाधि दी थी, शिवजी की भक्त होने पर उन्होंने अनेकों तीर्थ स्थान और मंदिरों का निर्माण कराया तीर्थ स्थान बनवाये थे। धनगरसमाज का इतिहास आज भी जीवित है। तो इसका श्रेय लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को जाता है 13 अगस्त 1795 13 अगस्त को अंत हुआ लेकिन उनका प्रकाश आज भी जीवित है। लोकमाता होल्कर धार्मिक होने के कारण देश के प्रधानमंत्री और यूपी के मुख्यमंत्री द्वारा उनके जन्मोत्सव को बड़ी जोर शोर से मनाया गया।
धनगर समाज लोकमाता के अनुयाई सरकार से मांग करते है, कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति स्थापना टूण्डला तथा अन्य गांव महा नगरों में स्थापित की जाये। जिससे अहिल्याबाई होल्कर हर दिल में जीवित रहे, और समाज ने अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि पर उनके पद चिन्हों पर चलने का संकल्प ले।संगोष्ठी के दौरान जयप्रकाश धनगर ,शशिकांत धनगर, रामेश्वर धनगर ,पप्पू और श्याम बाबू , केशव धनगर मौजूद रहे।