जेई के बेटे के अपहरण मामले में एक नामजद समेत छह के खिलाफ मुकदमा
1.42 लाख रुपये के लेनदेन का विवाद सामने आया, तीन संदिग्ध हिरासत में
ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े लेनदेन की भी जांच
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में स्थित झूंसी थाने में शनिवार रात जेई के बेटे के अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया है।बताया जा रहा है इस मामले में पुलिस तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर शुरूआती पूछताछ कर रही है।
पुलिस उपायुक्त नगर सागर जैन ने रविवार काे बताया कि 21 अगस्त की रात झूंसी के अंदावा स्थित एक कार शोरूम से रेलवे के अवर अभियंता (जेई) शिवम सिंह के बेटे शुभम सिंह अपने साथी मोहित सिंह के साथ गाड़ी खरीदने गए थे। आरोप है कि इसी दौरान मुंडेरा चुंगी निवासी शीबू केशरवानी उर्फ शिवम केशरवानी अपने चार-पांच साथियों के साथ कार से वहां पहुंचे और शुभम को जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और असलहे की बट से चोट पहुंचाने का आरोप है। इस मामले में शनिवार काे रेलवे के अवर अभियंता (जेई) शिवम सिंह ने बेटे शुभम सिंह के अपहरण के मामले में झूसी थाने में एक नामजद समेत कुल छह लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई। तहरीर में यह भी बताया गया कि नामजद आराेपित शीबू केशरवानी ने अपने 1.42 लाख रुपये बकाया होने की बात कहते हुए रकम देने का दबाव बनाया। आरोप है कि शुभम ने रुपये नहीं होने की बात कहने पर उसे अपने पिता से ऑनलाइन पैसे मंगाने के लिए कहा गया। रकम न देने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के कुछ घंटाें बाद तीन संदिग्धों को कौशाम्बी के संदीपन घाट क्षेत्र से पकड़ लिया और उनसे हिरासत में पूछताछ कर घटना की पूरी सच्चाई का पता लगाया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, शुरूआती जांच ओं पता चला है कि आरोपिताें ने शुभम को लेकर झूंसी से फाफामऊ होते हुए कौशाम्बी की ओर जाने वाले मार्ग का रुख किया। रास्ते में काजीपुर, संदीपन घाट थाना क्षेत्र स्थित एक ढाबे के पास दूसरी गाड़ी भी बुलाए जाने की बात सामने आई हैं। बाद में शुभम को धूमनगंज थाना क्षेत्र के पास छोड़ दिया गया।
पुलिस उपायुक्त नगर ने बताया कि इस मामले में प्रारंभिक जांच में पुलिस को ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े लेनदेन के विवाद की जानकारी मिली है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि अपहरण की घटना वास्तव में पैसों के लेनदेन के विवाद में हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। जांच और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई करते हुए पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
