विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं - मंडलायुक्त
बस्ती - आयुक्त सभागार में मंडलायुक्त अखिलेश सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को मंडल स्तरीय विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास योजनाओं एवं परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएँ तथा शासन की प्राथमिकताओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जननी सुरक्षा योजना, जल जीवन मिशन, फैमिली आईडी, पर्यटन विकास, माध्यमिक शिक्षा (प्रोजेक्ट अलंकार), सेतुओं का निर्माण, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, निर्माण कार्य, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएँ, सिंचाई विभाग की योजनाओं की प्रगति पर विभागवार चर्चा की गई। मंडलायुक्त ने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रत्येक परियोजना की नियमित निगरानी की जाए तथा कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुँचे। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करें। मंडलायुक्त ने विशेष रूप से निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन कार्यों की गति धीमी है, उन्हें तत्काल प्रभाव से तेज किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थलीय निरीक्षण को नियमित रूप से किया जाए और कार्यों की गुणवत्ता का मौके पर जाकर सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। जन शिकायतों के निस्तारण में भी तेजी लाई जाए तथा किसी भी शिकायत को अनावश्यक लंबित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें।
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। मंडलायुक्त ने प्रस्तुत रिपोर्टों की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करना अनिवार्य होगा। उन्होंने यह भी कहा कि लापरवाही या उदासीनता बरतने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।उन्होने आईजीआरएस की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण आख्या के साथ निस्तारण किया जाय। उन्होने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता से दूरभाष के माध्यम से वार्ता भी किया जाय।
बैठक का संचालन संयुक्त विकास आयुक्त निर्मल कुमार द्विवेदी ने व आईजीआरएस का संचालन अपर आयुक्त प्रशासन मनोज कुमार तिवारी ने किया। बैठक में जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना, जिलाधिकारी संतकबीर नगर आलोक कुमार, जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर शिवशरणप्पा जी.एन., मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल, संतकबीर नगर के जयकेश त्रिपाठी, सिद्धार्थनगर के बलराम सिंह, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या पूनम, तीनों जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारी, संयुक्त कृषि निदेशक राम बचन राम, मुख्य अभियन्ता विद्युत विजय कुमार गुप्ता, उप निदेशक समाज कल्याण सुरेश चन्द, अपर निदेशक पशुपालन डा. राजेश कुमार त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार, सहायक श्रमायुक्त सचिन कुमार सिंह, डीपीआरओ धनश्याम कुमार, पर्यटन अधिकारी विकास नारायण, वरिष्ठ सहायक सुहैल अहमद, तथा विभिन्न विभागों के मंडलीय एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।
