संत कबीर नगर, अनुबंध के मुताबिक फ्लैट का आवंटन न करने के एक मामले को जिला उपभोक्ता आयोग ने गम्भीरता से लिया है। आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह व महिला सदस्य संतोष ने फ्लैट आवंटन करने वाले कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाते हुए फ्लैट का आवंटन करने तथा न करने की दशा में रुपए 42 लाख 60 दिनों के भीतर अदा करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही क्षतिपूर्ति के रुप में रुपए 60 हजार अतिरिक्त अदा करना पड़ेगा।
कोतवाली खलीलाबाद के मुखलिसपुर रोड निवासिनी आशा सिंह पत्नी सुरेंद्र पाल सिंह ने अद्विक लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से मुकदमा दाखिल कर कहा कि वर्ष 2014 में मेसर्स टेक्नोकल्चर बिल्डिंग सेंटर प्रा.लि. के अधिकृत अधिकारी संजय कुमार सिंह ने थाना खोराबार में स्थित सिक्टौर में बनने वाले टू बीएचके फ्लैट की रुपए 13 लाख में बुकिंग रुपए तीन लाख 87 हजार 625 लेकर किया। उन्होंने रजिस्टर्ड एग्रीमेंट करते समय उसकी कीमत बढ़ाकर रुपए 14 लाख 50 हजार कर दिया। कुल नौ किस्त का भुगतान करना था। उन्होंने कुल लगभग रुपए 10 लाख का भुगतान कर दिया था। बाद में कंपनी द्वारा रुपए 4.50 लाख वापस कर दिया गया और फ्लैट आवंटन करने से मना कर दिया गया। वह गोरखपुर स्थित कार्यालय का चक्कर लगाती रहीं लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। थक-हार कर अद्विक लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से मुकदमा दाखिल करना पड़ा।
न्यायालय ने पत्रावली पर दाखिल प्रपत्रों व साक्ष्यों का अवलोकन करने के उपरांत मेसर्स टेक्नोकल्चर बिल्डिंग सेंटर प्रा.लि. के खिलाफ फैसला सुनाया है। निर्माणाधीन स्थल पर बने हुए फ्लैट को आवंटित करने तथा न करने की दशा में रुपए 42 लाख 60 दिनों के भीतर अदा करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही मुकदमा खर्च व क्षतिपूर्ति के रुप में रुपए 60 हजार अतिरिक्त चुकाना होगा।
पत्रकारिता में पाँच वर्षों का अनुभव रखने वाले दयानिधि त्रिपाठी वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के संत कबीर नगर ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज के साथ वह लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं।