इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के खिलाफ एआईपीईएफ का बड़ा ऐलान, देशव्यापी आंदोलन और “लाइटनिंग स्ट्राइक” की चेतावनी
लखनऊ। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) ने इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल, 2025 का कड़ा विरोध करते हुए इसे सार्वजनिक बिजली क्षेत्र, उपभोक्ताओं, किसानों और बिजली कर्मचारियों के लिए गंभीर खतरा बताया है। बेंगलुरु में आयोजित फेडरल एग्जीक्यूटिव बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर सरकार से इस विधेयक को वापस लेने की मांग की गई।
बैठक में कहा गया कि प्रस्तावित बिल से बिजली वितरण क्षेत्र में निजी कंपनियों की भूमिका बढ़ेगी, जिससे सार्वजनिक वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति कमजोर होगी और इसका बोझ अंततः आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। संगठन ने आरोप लगाया कि यह व्यवस्था “मुनाफे का निजीकरण और घाटे का सामाजिककरण” जैसी स्थिति पैदा करेगी।एआईपीईएफ ने यह भी कहा कि विधेयक से राज्यों के अधिकार, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और क्रॉस-सब्सिडी व्यवस्था प्रभावित होगी, जिससे घरेलू, कृषि और छोटे उपभोक्ताओं पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
आंदोलन की चेतावनी
फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि इस विधेयक को संसद में पेश किया गया तो देशभर में बिजली कर्मचारियों, अभियंताओं और ट्रेड यूनियनों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। साथ ही जरूरत पड़ने पर “लाइटनिंग स्ट्राइक” जैसे राष्ट्रव्यापी विरोध की भी चेतावनी दी गई है।संगठन ने सभी बिजली कर्मियों, किसान संगठनों और उपभोक्ता संगठनों से एकजुट होकर इस प्रस्तावित विधेयक का विरोध करने की अपील की है।एआईपीईएफ ने स्पष्ट किया कि वह इस विधेयक को निजीकरण को बढ़ावा देने वाला मानते हुए पूरी ताकत से इसका विरोध जारी रखेगा।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
