विश्व मंच पर मजबूत हुई भारत की सांस्कृतिक पहचान : विदेश मंत्रालय
नई दिल्ली। भारत की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक ज्ञान और सभ्यतागत मूल्यों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में पिछले वर्षों में हुए प्रयासों को रेखांकित करते हुए विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि भारत न केवल अपनी सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है, बल्कि अपनी समृद्ध ज्ञान-परंपरा को भी दुनिया के साथ साझा कर रहा है।
सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर साझा एक संदेश में उन्होंने बताया कि भारत की कई सांस्कृतिक परंपराओं को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में स्थान मिला है, जिससे भारतीय सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर नई मान्यता प्राप्त हुई है।
उन्होंने कहा कि भारत के कई नए स्थलों को विश्व धरोहर का दर्जा मिला है, जबकि विदेशों में पहुंच चुकी बहुमूल्य और प्राचीन भारतीय कलाकृतियों की स्वदेश वापसी भी सुनिश्चित की गई है। यह प्रयास देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
ये खबर भी पढ़े : महिलाओं की सुरक्षा के लिए हजरतगंज में चला विशेष अभियान, 3,611 वाहनों के चालान, 80 वाहन सीजरणधीर जायसवाल ने यह भी उल्लेख किया कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र की स्थापना भारत में की गई है। इससे भारतीय चिकित्सा ज्ञान और परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।
ये खबर भी पढ़े : बेलडांगा हिंसा मामले में एनआईए जांच का रास्ता साफ, राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से वापस ली याचिकायोग के वैश्विक प्रसार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की पहल पर शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आज एक वैश्विक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। वर्तमान में 175 देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन के माध्यम से योग और भारतीय जीवन-दर्शन का संदेश दुनिया भर में पहुंच रहा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, पारंपरिक ज्ञान के प्रसार और वैश्विक साझेदारी के माध्यम से भारत अपनी सभ्यतागत पहचान को मजबूत करते हुए विश्व समुदाय को निरंतर प्रेरित कर रहा है। भारत की संस्कृति, परंपराएं और जीवन मूल्य आज भी वैश्विक स्तर पर शांति, संतुलन और मानव कल्याण का संदेश देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
