लोहिया संस्थान में एडवांस रिहैबिलिटेशन टेक्नोलॉजीज का उद्घाटन
— दिव्यांगों का दर्द दूर करेगी रिहैबिलिटेशन मेडिसिन

लखनऊ। रिहैबिलिटेशन आधुनिक हेल्थकेयर का एक अहम हिस्सा है और यह मरीजों की कार्यक्षमता,आजादी और सम्मान को बहाल करने में अहम भूमिका निभाता है। ये बातें प्रो.डॉ. सीएम. सिंह ने कही। सोमवार को डॉ.राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन विभाग ने इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल के सहयोग से एक खास कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन निदेशक प्रो. डॉ. सीएम. सिंह ने किया।
इस कार्यक्रम में दिव्यांग लोगों और बीमारी या चोट से उबर रहे लोगों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में रिहैबिलिटेशन मेडिसिन की बढ़ती भूमिका पर ज़ोर दिया गया। इस साल का थीम था "सभी के लिए रिहैबिलिटेशन, जीवन भर के लिए रिकवरी।" उन्होंने मरीजो की देखभाल के लिए कई अत्याधुनिक रिहैबिलिटेशन और इंटरवेंशनल सुविधाओं की शुरुआत की। इनमें रिपीटिटिव ट्रांसक्रानियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन,वर्चुअल रियलिटी-आधारित रिहैबिलिटेशन, हाई-रिज़ॉल्यूशन मस्कुलोस्केलेटल अल्ट्रासाउंड और इंटरवेंशनल फिजियेट्री और पेन मैनेजमेंट के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन शामिल थे।
प्रो. डॉ. सीएम. इन एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज के आने से विभाग और संस्थान विश्व-स्तरीय, एविडेंस-बेस्ड रिहैबिलिटेशन सेवाएं दे पाएंगे और मरीज़ों की व्यापक देखभाल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत कर पाएंगे। प्रो. सिंह ने शहीद पथ कैंपस में एक हजार बिस्तरों की सुविधा के लिए हो रही प्रगति की भी जानकारी दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शहीद पथ कैंपस में सुविधा शुरू होने के बाद और जगह की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने अपनी बात इन शब्दों के साथ खत्म की, "पीएमआर दिव्यांग लोगों को आजादी, सम्मान और एक गरिमापूर्ण व संतोषजनक जीवन जीने में सक्षम बनाता है।"
नई शुरू की गई सुविधाओं से स्ट्रोक, रीढ़ की हड्डी की चोट, दिमाग की गंभीर चोट (ट्रॉमेटिक ब्रेन इंजरी), पार्किंसंस रोग, सेरेब्रल पाल्सी, मस्कुलोस्केलेटल विकारों, स्पोर्ट्स इंजरी, पुराने दर्द की स्थितियों और अन्य न्यूरोलॉजिकल और ऑर्थोपेडिक दिव्यांगताओं वाले मरीजों के इलाज में काफी सुधार होने की उम्मीद है। ये एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज ज़्यादा सटीक डायग्नोसिस, टारगेटेड इंटरवेंशन, तेज़ी से रिकवरी और बेहतर फंक्शनल नतीजों में मदद करेंगी। पीएमआर विभाग के प्रमुख प्रो. वीरेंद्र सिंह गोगिया ने बताया कि रिहैबिलिटेशन मेडिसिन केवल बीमारी के इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की कार्यक्षमता, आत्मनिर्भरता, भागीदारी और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
