औद्योगिक विकास को रफ्तार, 80 इकाइयों ने शुरू किया उत्पादन, 5 हजार से अधिक को रोजगार
मीरजापुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विकासोन्मुखी नीतियों के चलते मीरजापुर में औद्योगिक विकास तेजी से गति पकड़ रहा है। कभी पिछड़े जिलों में गिने जाने वाले मीरजापुर में अब निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से निवेश करने वाली 80 औद्योगिक इकाइयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है, जिससे जिले के आर्थिक परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र (डीआईसी) के उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि इन 80 इकाइयों ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 1,734 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
इन उद्योगों के संचालन से 5,238 युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है, जबकि 10 हजार से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। इससे न केवल युवाओं का पलायन रुकेगा बल्कि जिले की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
उन्होंने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत प्राप्त निवेश प्रस्तावों में 104 परियोजनाओं को ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) के लिए चयनित किया गया था।
ये खबर भी पढ़े : भागवत सेवा धर्म परिवार ट्रस्ट द्वारा रामचन्द्र पालीवाल हॉल में आयोजित की जाने वाली भागवत कथा को लेकर प्रेस वार्ता का आयोजनइनमें से 80 इकाइयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है, जबकि 20 औद्योगिक इकाइयां निर्माणाधीन हैं और उनके संचालन के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। शेष चार इकाइयों की स्थापना संबंधी प्रक्रियाएं भी पूरी हो चुकी हैं और जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।
उपायुक्त ने बताया कि सभी 104 इकाइयों के पूरी तरह संचालित होने पर लगभग 13,822 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।
जल्द शुरू हो सकता है अडानी समूह का थर्मल पावर प्लांट
संदीप कुमार ने बताया कि मड़िहान क्षेत्र में अडानी समूह द्वारा लगभग 18,300 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया जा रहा थर्मल पावर प्लांट भी जल्द शुरू होने की संभावना है।
यह परियोजना मीरजापुर के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इससे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होने के साथ प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
युद्ध स्तर पर किया जा रहा निवेशकों की समस्याओं का समाधान
इन्वेस्ट यूपी के रिलेशनशिप मैनेजर अखिलेश कुमार तिवारी ने बताया कि जिले में उत्पादन शुरू करने वाली प्रमुख इकाइयों में लालगंज स्थित मेसर्स ब्रजदेव इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड का 250 करोड़ रुपये की लागत वाला इथेनॉल प्लांट शामिल है।
इसके अलावा मेसर्स अपेक्स वेलकेयर ट्रस्ट द्वारा 325 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त अस्पताल की स्थापना की गई है।
चुनार में अपोलो पाइप लिमिटेड द्वारा पीवीसी पाइप निर्माण इकाई संचालित की जा रही है, जबकि दोहा क्षेत्र में महामाया इस्पात ने 151 करोड़ रुपये की लागत से स्टील मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया है।
वहीं ब्रिंजल ग्रीन एनर्जी द्वारा 50 करोड़ रुपये की लागत से कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट शुरू किया गया है। सगरा स्थित मां अन्नपूर्णा एग्रो की इकाई में धान की भूसी से तेल का उत्पादन भी शुरू हो चुका है।
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