डीसीपी पश्चिम सहित यूपी के 10 आईपीएस सेवानिवृत्त हुए
लखनऊ। सोमवार पुलिस महकमे में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की सेवानिवृत्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। प्रदेश में अलग-अलग महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालने वाले 10 आईपीएस अधिकारी आज सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हो गए। इन अधिकारियों ने पुलिस विभाग के साथ-साथ जांच, कानून-व्यवस्था, प्रशिक्षण, पीएसी, फायर सर्विसेज और आपातकालीन पुलिस सेवा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दी हैं।
सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों में डीजी से लेकर एसपी स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं। सबसे वरिष्ठ नामों में आईपीस मुथा अशोक जैन हैं, जो डीजी, फायर सर्विसेज उत्तर प्रदेश के पद पर तैनात थे। उन्होंने अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों को संभाला। वहीं आईपीएस रवि जोसेफ लोक्कू ने एडीजी, बीपीआरडी के पद पर रहते हुए अपनी सेवा पूरी की। पुलिस अनुसंधान एवं विकास से जुड़े इस महत्वपूर्ण पद पर उनकी जिम्मेदारी पुलिस व्यवस्था से संबंधित विभिन्न विषयों से जुड़ी रही।
आईपीएस डॉ. अखिलेश कुमार निगम ने आईजी, सीआईडी के पद से सेवानिवृत्ति ली। अपराधों की जांच और महत्वपूर्ण मामलों की पड़ताल से जुड़े सीआईडी जैसे महत्वपूर्ण विभाग में उन्होंने जिम्मेदारी संभाली। इसी क्रम में आईपीएस शहाब रशीद खान ने डीआईजी, यूपी 112 के पद से रिटायरमेंट लिया। यूपी 112 प्रदेश की आपातकालीन पुलिस सेवा व्यवस्था का अहम हिस्सा है।
वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में डीआईजी के पद पर तैनात रहे आईपीएस आलोक प्रियदर्शी भी आज सेवानिवृत्त हुए। वहीं आईपीएस सुनीता सिंह ने डीआईजी, पीएसी मुख्यालय के पद से सेवानिवृत्त हुए। राजधानी में तैनात आईपीएस कमलेश कुमार दीक्षित भी रिटायर हुए। वे एसपी, पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे।
इसके अलावा एसपी, ईओडब्ल्यू के पद पर तैनात आईपीएस अरविंद मिश्रा, एसपी, ट्रेनिंग मुख्यालय रहे आईपीएस हरि गोविंद और एसपी, पीएसी 49वीं वाहिनी, गौतमबुद्ध नगर के पद पर तैनात आईपीएस राम नयन सिंह ने भी 31 अगस्त को अपनी लंबी पुलिस सेवा पूरी की।
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पिछले छह वर्षों से क्राइम रिपोर्टिंग में सक्रिय सत्य प्रकाश भारती अपराध से जुड़े मामलों पर गहरी पकड़ रखते हैं। तथ्यपरक रिपोर्टिंग और संतुलित प्रस्तुति उनकी कार्यशैली की पहचान है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ में कार्यरत हैं।
