रक्षाबंधन पर योगी सरकार की बड़ी सौगात, 60+ महिलाओं को आजीवन मुफ्त बस यात्रा
संत कबीर नगर में मातृशक्ति सम्मान समारोह आयोजित
27 से 29 अगस्त तक महिलाओं को सहयात्री सहित निःशुल्क यात्रा की सुविधा
संत कबीर नगर। रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की महिलाओं को बड़ी सौगात दी। ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना के तहत 60 वर्ष एवं उससे अधिक आयु की महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की साधारण बसों में आजीवन निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। सरकार के अनुसार इस योजना से प्रदेश की एक करोड़ से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो सकेंगी।
रक्षाबंधन के अवसर पर 27 अगस्त सुबह 6 बजे से 29 अगस्त रात 12 बजे तक प्रदेश की माताओं, बहनों और बेटियों को एक सहयात्री सहित परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी दी जाएगी। योजना के शुभारंभ अवसर पर विशेष बसों को फ्लैग ऑफ किया गया तथा 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को सांकेतिक कार्ड, साड़ी और मिठाई देकर सम्मानित किया गया।
ये खबर भी पढ़े : मनोज पटेल को राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन का प्रदेश अध्यक्ष बनने पर कांग्रेसियों ने किया भव्य स्वागतसंत कबीर नगर कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी ने की। उन्होंने महिलाओं से सरकार की योजनाओं के प्रति जागरूक रहने और अन्य महिलाओं को भी इसकी जानकारी देने का आह्वान किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष भाजपा नीतू सिंह, जिलाधिकारी आलोक कुमार, मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी समेत बड़ी संख्या में महिलाएं, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, रोजगार और स्वावलंबन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाएं एफपीओ, ओडीओपी, एमएसएमई और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में भी अपनी भागीदारी बढ़ा रही हैं। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में पाँच वर्षों का अनुभव रखने वाले दयानिधि त्रिपाठी वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के संत कबीर नगर ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज के साथ वह लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
