आयुष चिकित्सकों की मानदेय विसंगति को लेकर देंगे धरना
लखनऊ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत लगभग चार हजार आयुष चिकित्सकों की मानदेय विसंगति दूर किए जाने की मांग को लेकर प्रदेश के आयुष चिकित्सकों ने निर्णायक चरण में आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है।
आयुष डॉक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने बताया कि वे वर्ष 2009-10 से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रदेश की जनता को पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। वर्ष 2009-10 में आयुष और एमबीबीएस चिकित्सकों का मानदेय लगभग चौबिस हजार प्रतिमाह समान था, जबकि वर्तमान में एमबीबीएस चिकित्सकों का बेसिक मानदेय लगभग एक लाख आयुष चिकित्सकों का बेसिक मानदेय मात्र 32,000 है। चिकित्सकों ने उसे गंभीर मानदेय विसंगति बताते हुए समान कार्य के लिए समान एवं सम्मानजनक मानदेय की मांग की है। आयोजित आयुष चिकित्सकों की ऑनलाइन बैठक में निर्णय लिया गया कि 12 सितंबर तक प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। सभी जनपदों के चिकित्सकों से अधिक से अधिक संख्या में एकजुट होकर ज्ञापन कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की गई है। एसोसिएशन के डॉ अनिल गुप्ता सचिव व महामंत्री ने बताया चिकित्सकों ने यह भी निर्णय लिया है कि यदि बीस सितंबर 2026 तक मानदेय विसंगति के समाधान की दिशा में सकारात्मक निर्णय नहीं होता है, तो 21 सितंबर को मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री के आवास पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक धरना व विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।
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