TVK सरकार के 100 दिन पूरे: कल्याणकारी योजनाओं और निवेश पर जोर, CM विजय के सामने कई बड़ी चुनौतियां
मुफ्त बिजली, महिला सुरक्षा और एंटी-नारकोटिक्स यूनिट पर फैसले; शराब की 717 दुकानें बंद, किसानों के फसल ऋण माफी का ऐलान
चेन्नई। सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) सरकार सोमवार को सत्ता में अपने 100 दिन पूरे कर रही है। यह तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (एआईएडीएमके) के बारी-बारी से चले आ रहे शासन के पांच दशकों से अधिक के दौर के बाद एक बड़ा राजनीतिक बदलाव है।एक नई राजनीतिक पार्टी टीवीके ने अप्रैल में विधानसभा चुनाव जीता और 10 मई को सरकार बनाई। विजय ने नौ मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 21 मई को कैबिनेट का विस्तार करते हुए 23 मंत्री और अगले दिन दो और मंत्री शामिल किए गए।
पद संभालने के तुरंत बाद विजय ने तीन अहम फाइलों पर दस्तखत किए। इनमें 500 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को हर दो महीने में 200 यूनिट मुफ्त बिजली देना, महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स' का प्रस्ताव और 65 एंटी-नारकोटिक्स यूनिट बनाना शामिल था।सरकार ने शिक्षण संस्थानों और पूजा स्थलों के पास 717 टीएएसएमएसी शराब की दुकानें बंद कर दीं। इसके साथ ही सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता 58 से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया, अम्मा कैंटीन के नवीनीकरण का आदेश दिया और सीमांत किसानों के लिए 50,000 रुपए तक के फसल ऋण माफ करने की घोषणा की।
27 मई को नई दिल्ली की अपनी यात्रा के दौरान सीएम विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और मेकेदातु बांध विवाद तथा तमिलनाडु के मछुआरों की समस्याओं से जुड़ी मांगें रखीं। 9 जून को उन्होंने 'सिंगप्पेन फोर्स' की शुरुआत की और बाद में सरकारी अस्पतालों में पैदा होने वाले बच्चों के लिए सोने की अंगूठी देने की योजना की घोषणा की।संशोधित बजट में कई कल्याणकारी उपाय पेश किए गए, जिनमें दुल्हनों के लिए आठ ग्राम के सोने के सिक्के और रेशमी कपड़े, झोपड़ियों की जगह 70,000 पक्के घर, 11वीं कक्षा के छात्रों के लिए आधुनिक साइकिलें और सरकारी कॉलेज के छात्रों के लिए लैपटॉप शामिल हैं।
राज्य की वित्त मंत्री मारिया विल्सन ने कहा कि बजट में चुनाव के 125 वादों को शामिल किया गया है। टीवीके सरकार के लिए उद्योग एक मुख्य फोकस बन गया है। सरकार का कहना है कि अपने पहले 100 दिनों में 104 समझौतों के जरिए 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश आया है।अकेले 'वेट्री तमिलनाडु इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव' में 67,452 करोड़ रुपए के 97 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनसे 23 जिलों में 1.07 लाख नौकरियां पैदा होने की संभावना है।
हालांकि, प्रशासन को कानून-व्यवस्था, यौन अपराधों, बिजली कटौती और खराब कचरा प्रबंधन को लेकर विपक्ष की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। अनुभवहीन मंत्रियों को विधानसभा में डीएमके और एआईएडीएमके विधायकों का भी सामना करना पड़ा है।इन चुनौतियों के बावजूद सरकार ने प्रशासनिक तत्परता, कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार और भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता की छवि पेश की है। इसका शुरुआती रिकॉर्ड आशाजनक लगता है, लेकिन इसके ऐलान और निवेश का अमल ही यह तय करेगा कि क्या शुरुआती 100 दिन स्थायी बदलाव की नींव बनेंगे या नहीं।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
