शिमला पुलिस ने 48 ड्रग नेटवर्क ध्वस्त किए, 63 सप्लायर गिरफ्तार
पीआईटी-एनडीपीएस के तहत भी कार्रवाई जारी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ जिला शिमला पुलिस की बदली हुई रणनीति के नतीजे इस वर्ष स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक जनवरी 2026 से अब तक 48 बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं और 63 से अधिक मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस का कहना है कि अब कार्रवाई का फोकस केवल एनडीपीएस के मामले दर्ज करने तक सीमित नहीं है। जांच को नशे की पूरी सप्लाई चेन, उसके संचालकों, वित्तीय लेनदेन और विभिन्न राज्यों में फैले नेटवर्क तक पहुंचाया जा रहा है।
इस अभियान की एक बड़ी सफलता मार्च 2026 में सामने आई, जब न्यू शिमला थाना पुलिस ने करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की 562 एलएसडी स्टैम्प बरामद कीं। इनका कुल वजन 11.570 ग्राम था।
मामले की जांच के दौरान पुलिस केरल तक पहुंची और मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया गया। तकनीकी और डिजिटल जांच में चार पुलिस कर्मियों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई, गिरफ्तारी हुई और बाद में उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
इस मामले में कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसी महीने स्पेशल सेल ने आईएसबीटी शिमला में कार्रवाई करते हुए हरियाणा के अंबाला निवासी एक आरोपी से 288 ग्राम हेरोइन बरामद की।
अप्रैल में कुमारसैन थाना पुलिस ने 9.28 किलोग्राम अफीम और 12 लाख रुपये नकद बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आगे की जांच में एक महिला सप्लायर को भी पकड़ा गया, जिसके कब्जे से दो किलोग्राम से अधिक अतिरिक्त अफीम बरामद हुई। इस तरह एक ही नेटवर्क से लगभग 11.5 किलोग्राम अफीम बरामद की गई।
जांच के दौरान आरोपियों की नशा कारोबार से अर्जित 53 लाख रुपये की अवैध संपत्ति भी जब्त की गई। मई में स्पेशल सेल ने पंजाब जाकर एक आरोपी से 309 ग्राम हेरोइन बरामद की।
जून में एफआईआर संख्या 41/2026 की जांच के दौरान पंजाब के फिरोजपुर निवासी मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया गया।
उसके कब्जे से 131 ग्राम हेरोइन, 27 ग्राम मेथामफेटामाइन (आईस) और 60,400 रुपये नकद बरामद किए गए। जुलाई में शोघी बैरियर पर तीन आरोपियों से 242 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
इस वर्ष की सबसे बड़ी कार्रवाई 3 अगस्त को हुई। स्पेशल सेल ने जिला सीमा शोघी के पास हरियाणा के नारायणगढ़ निवासी 22 वर्षीय विजय कुमार को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 1 किलोग्राम 120 ग्राम हेरोइन बरामद की।
पुलिस के अनुसार इसकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब छह करोड़ रुपये है। इसे वर्ष 2026 में हिमाचल प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी हेरोइन बरामदगी माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता है।
जिला शिमला पुलिस के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अब तक चार किलोग्राम से अधिक हेरोइन, 14 किलोग्राम अफीम, 15 किलोग्राम चरस, पांच किलोग्राम से अधिक पोस्त, 11.6 ग्राम एलएसडी और लगभग 60 ग्राम मेथामफेटामाइन बरामद की जा चुकी है। इसके अलावा 10 लाख से अधिक अवैध भांग के पौधे नष्ट किए गए हैं।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि वर्ष 2026 में पुलिस ने नशा तस्करी के विरुद्ध अपनी कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव किया है।
उन्होंने कहा कि बड़ी और गुणवत्तापूर्ण बरामदगियों, मुख्य सप्लायरों की गिरफ्तारी, बैकवर्ड लिंकेज, तकनीकी एवं वित्तीय जांच और पूरे तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि आदतन नशा तस्करों के खिलाफ पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। उनके अनुसार इसी रणनीति के कारण बड़े सप्लायरों तक पहुंचना संभव हुआ है और नशे की सप्लाई श्रृंखला पर प्रभावी प्रहार किया जा सका है।
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