सेना के सहयोग से वीर नारियों के लिए नई राह, एविएशन सेक्टर में रोजगार
नई दिल्ली। भारतीय सेना और एयर इंडिया के बीच हुए सहयोग समझौते ने अब रोजगार के ठोस अवसरों का रूप लेना शुरू कर दिया है। इस पहल के तहत देशभर से 58 उम्मीदवारों का चयन रोजगार के लिए किया गया है। इनमें भारतीय सेना से जुड़ी वीर नारियों और उनके आश्रितों को अवसर प्रदान किए गए हैं। इनमें से दो महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय जॉब हासिल हुई हैं।
इस पहल के तहत चयनित उम्मीदवारों को विमानन और हवाई अड्डा सेवाओं से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। पहले चरण में 16 उम्मीदवारों, जिनमें वीर नारियां और उनके बच्चे शामिल हैं, ने प्रशिक्षण पूरा कर लिया है और उन्हें रोजगार के लिए शामिल किया जा चुका है। भारतीय सेना और एयर इंडिया के बीच हुआ यह सहयोग समझौता केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि सैन्य परिवारों को कौशल विकास, प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एयर इंडिया की सहयोगी कंपनी एयर इंडिया एसएटीएस एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से इन उम्मीदवारों को हवाई अड्डे से जुड़ी विभिन्न सेवाओं में रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं। इस पहल के तहत अब देश के अलग-अलग हिस्सों में उम्मीदवारों के चयन के लिए साक्षात्कार का विस्तार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र वीर नारियों और उनके आश्रितों को रोजगार से जोड़ना है।
उम्मीदवारों को हवाई अड्डे पर यात्रियों की सहायता, सामान प्रबंधन, विमान परिचालन से जुड़ी जमीनी सेवाओं और अन्य संबंधित कार्यों के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम का जोर उम्मीदवारों को उद्योग की जरूरत के मुताबिक रोजगार योग्य कौशल प्रदान करने पर है। इस पहल के तहत भारतीय सेना की सहायता से संचालित आशा विद्यालयों में व्यावसायिक प्रशिक्षण की सुविधाएं विकसित करने की योजना भी बनाई गई है।
ऐसे विद्यालयों में सैनिकों, पूर्व सैनिकों और छावनी क्षेत्रों में रहने वाले विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा और कल्याण से जुड़े कार्य होते हैं। योजना के तहत 25 आशा विद्यालयों में व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित करने की पहल की गई है। सेना के अनुसार, 58 उम्मीदवारों का देशभर में चयन इस कार्यक्रम की शुरुआती उपलब्धियों में से एक है। वहीं, दो महिला उम्मीदवारों के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एयर एमिरेट्स के लिए चयन का किया गया है। यह पहल सैन्य परिवारों के कौशल, सम्मान और आत्मनिर्भरता को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बनकर सामने आई है।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
