दुर्भावनावश लगाई गई आग से वाहन को नुकसान होने पर भी बीमा कंपनी जिम्मेदार: उपभोक्ता आयोग
जोधपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने परिवाद मंजूर करते हुए महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है कि बीमित वाहन में किसी व्यक्ति द्वारा दुर्भावनापूर्ण रवैये से आग लगाए जाने पर बीमा कम्पनी नुकसान के लिए उत्तरदायी है। आयोग अध्यक्ष डा. यतीश कुमार शर्मा और सदस्य अनुराधा व्यास ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी पर 10 हजार रुपए हर्जाना लगाते हुए बीमा राशि दस लाख रुपए मय ब्याज तथा परिवाद व्यय पांच हजार रुपए 45 दिन में अदा करने का आदेश दिया।
बाबूराम चौधरी ने अधिवक्ता अनिल भंडारी के माध्यम से परिवाद पेश कर कहा कि 19 अगस्त 2020 को बीमित बस में आग लग जाने का दावा बीमा कंपनी ने यह कहकर खारिज कर दिया कि मार्च 2021 में कराई गई फॉरेंसिक रपट से यह साबित हुआ कि बीमित बस का दावा हड़पने की नीयत से जानबूझ कर आग लगाई गई है क्योंकि बस चलने योग्य नहीं थी। अधिवक्ता भंडारी ने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त बस का स्पॉट सर्वे दुर्घटना के दिन ही बीमा कम्पनी द्वारा करवाया गया और उसके बाद हुए अंतिम सर्वे में भी नुकसान को वाजिब बताया गया है सो दुर्घटना के सात माह बाद की फारेंसिक रपट परिवादी को दावे से महरूम करने के उद्देश्य से बनाई गई है। बीमा कंपनी की ओर से कहा गया कि दावा सही खारिज किया गया है।
ये खबर भी पढ़े : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से विप्र फाउंडेशन के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष की मुलाकातजिला उपभोक्ता आयोग ने परिवाद मंजूर करते हुए बीमा कंपनी पर 10 हजार रुपए हरजाना लगाते हुए कहा कि फारेंसिक रपट में यह अंकित है कि आग किसी व्यक्ति द्वारा ज्वलनशील पदार्थो का उपयोग कर योजनबद्ध तरीके से लगाई गई,लेकिन अपने निष्कर्ष में कहीं पर यह नहीं आया कि आग वाहन मालिक या चालक की मिलीभगत से लगाई गई है। उन्होंने कहा कि दोनों सर्वे रपट तात्कालिक है,जबकि अन्वेषण रपट और फॉरेंसिक रपट अत्यधिक देरी से बनवाई गई है,जिस पर ज्यादा विश्वास नहीं किया जा सकता और इन्हें नियुक्त करने से पहले इरडा से पूर्वानुमति भी नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि बीमा लाभ से वंचित किया जाना बीमा कंपनी की सेवा में त्रुटि है। उन्होंने बीमा कंपनी को निर्देश दिए कि परिवादी को 45 दिन में दस लाख रुपए मय ब्याज और पांच हजार रूपए परिवाद व्यय अदा करें।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
