एसआई भर्ती में जवाब नहीं दिया जो माना जाएगा कि सरकार भर्ती रद्द करना चाहती है-हाईकोर्ट
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एसआई भर्ती-2021 के मामले में स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने मामले में कोई जवाब नहीं दिया तो यह माना जाएगा कि वह एसआईटी की रिपोर्ट, एजी की राय और कैबिनेट सब कमेटी की ओर से भर्ती रद्द करने की सिफारिश पर सहमत है। वहीं इसे आधार मानते हुए अदालत भी अपना फैसला देगी। अदालत ने राज्य सरकार को कहा है कि वह 9 जनवरी को एसआईटी की 13 अगस्त 2024 की रिपोर्ट, एजी की 14 सितंबर 2024 की विधिक राय व कैबिनेट सब कमेटी की 7 अक्टूबर व 10 अक्टूबर 2024 की बैठकों का विस्तृत रिकार्ड भी पेश करें। जस्टिस समीर जैन ने यह निर्देश कैलाश चन्द्र शर्मा व अन्य के प्रार्थना पत्र पर दिए। अदालत की ओर से मंगलवार को यह आदेश सार्वजनिक करने पर यह जानकारी सामने आई है।
अदालत ने कहा कि यदि 18 नवंबर 2024 के आदेश में दिए गए निर्देशों के विपरीत जाकर कोई भी कार्रवाई या फील्ड पोस्टिंग दी जाती है तो इसके जिम्मेदार अफसर व व्यक्तियों के खिलाफ भी निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि इस संबंध में कोई वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसे इसके दोषी अफसर या सक्षम प्राधिकरण से वसूला जाएगा। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आरपी सिंह और हरेन्द्र नील ने कहा कि शुरुआत में राज्य सरकार ने जवाब पेश करने के लिए दो सप्ताह का समय लिया था। वहीं एक माह बीतने के बाद भी सरकार ने जवाब नहीं दिया, बल्कि अदालती आदेशों की अवमानना करते हुए ट्रेनी एसआई को फील्ड पोस्टिंग में भेजने के आदेश दे दिए।
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