प्रधानमंत्री मोदी ने कहा-जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज प्रातः जनसेवा की परिभाषा को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि समर्पण और कर्तव्य के पथ पर चलने वाले व्यक्ति ही जनविश्वास को अर्जित करते सकते हैं। उन्होंने एक्स में सुभाषितम् साझा किया- सदानुरक्तप्रकृतिः प्रजापालनतत्परः। विनीतात्मा हि नृपतिर्भूयसी श्रियमश्नुते॥
प्रधानमंत्री ने संदेश में लिखा, ''जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है। विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निरंतर कार्य करने वाला व्यक्ति ही जनविश्वास अर्जित करता है।'' यह सुभाषितम् प्रसिद्ध नीतिग्रंथ 'कामन्दकीय नीतिसार' (सर्ग 1, श्लोक 24) से लिया गया है।
ये खबर भी पढ़े : प्रत्येक बुधवार को होने वाली मंत्रिपरिषद की बैठक आज, बड़े प्रस्ताव पर मुहर लगायेगी सरकारइसका भावार्थ है, जो राजा (शासक) अपनी प्रजा के प्रति सदैव प्रेमभाव रखता है, प्रजा के कल्याण व उनकी रक्षा में निरंतर तत्पर रहता है और स्वयं अत्यंत विनयशील (नम्र) होता है, वह राजा अपार लक्ष्मी, समृद्धि और ऐश्वर्य को प्राप्त करता है।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
