Mumbai: 39 हजार झोपड़ियों को गिराने का फैसला तानाशाही है: सांसद वर्षा गायकवाड
BMC की कार्रवाई पर रोक लगाएं सरकार
By Rajesh Jaiswal
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने 14 फुट से अधिक ऊंची झोपड़ियों को गिराने के लिए विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। महानगरपालिका में सत्तारूढ़ भाजपा और शिवसेना ने पहले 18 फुट तक की झोपड़ियों को संरक्षण देने का रुख अपनाया था। फिर अब ऐसा क्या हुआ कि 14 फुट से अधिक ऊंची झोपड़ियों को गिराने का फैसला किया गया? यह तानाशाहीपूर्ण फैसला है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस फैसले पर तत्काल रोक लगाएं, यह मांग मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड ने की है।
मीडिया से बातचीत करते हुए वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि मुंबई महानगरपालिका की सीमा में 90 लाख झोपड़ीवासी हैं और मुंबई के 24 प्रतिशत भू-भाग पर झोपड़ियां बसी हुई हैं। मुंबई की कुल आबादी में झोपड़पट्टीवासियों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत है। मुंबई गरीब और मेहनतकश लोगों की मेहनत और पसीने से चलती है, लेकिन ऐसा लगता है कि भाजपा महायुति सरकार को अब यही गरीब जनता खटकने लगी है।
उन्होंने आगे कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है और यह सरकार केवल अपने ‘पसंदीदा मित्रों’ के लिए काम कर रही है। अब महानगरपालिका भी उसी राह पर चल रही है। एक अक्टूबर से झोपड़ियों के खिलाफ शुरू होने वाली यह कार्रवाई गरीब झोपड़ीवासियों को मुंबई से स्थायी रूप से बेदखल करने की एक बड़ी साजिश है। पिछले कुछ वर्षों से स्थानीय लोगों, भूमिपुत्रों, गरीबों और मेहनतकश लोगों को मुंबई से बाहर निकालने की एक बड़ी साजिश जानबूझकर चलाई जा रही है।
सांसद वर्षा गायकवाड ने आरोप लगाया कि धारावी पुनर्वास के नाम पर धारावीवासियों को मुंबई से बाहर निकालने का काम जारी है और अब महानगरपालिका ने गरीब झोपड़ीवासियों को बेघर करने का काम भी अपने हाथ में ले लिया है। अडानी के लिए भाजपा महायुति सरकार और बीएमसी ने सभी नियमों में बदलाव कर उनके लिए अनुकूल नियम बनाए हैं। उनके आलीशान टावर खड़े करने के लिए खुले मैदान, खेल के मैदान, नमक के खेत, मदर डेयरी की जमीन, डंपिंग ग्राउंड और हवाई अड्डे के आसपास की जमीन समेत सभी महत्वपूर्ण भूखंड अडानी को देने का सिलसिला शुरू कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई अब मुंबईकरों की नहीं रह गई है और भाजपा महायुति सरकार ने पूरी मुंबई को अडानी के हवाले करने का इरादा कर लिया है, जबकि महानगरपालिका भी इसमें अपना योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना (शिंदे) को भी इस मामले में स्पष्टीकरण देना चाहिए।
वर्षा गायकवाड ने सत्तारूढ़ सरकार से मांग की, कि झोपड़ीवासियों को बेघर करने से पहले उनका उचित स्थान पर पुनर्वास किया जाए फिर उसके बाद ही कोई कार्रवाई की जाए। भाजपा सरकार केवल ‘हम दो, हमारे दो’ के लिए काम कर रही है। गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें मुंबई से बेदखल करने का कांग्रेस पुरजोर विरोध करती है।
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लेखक के बारे में
राजेश जायसवाल को पत्रकारिता क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव है। अपने लंबे करियर में उन्होंने समाचार लेखन और रिपोर्टिंग के विभिन्न दायित्व निभाए हैं। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ में कार्यरत हैं।
