भाई-भाभी ने दोस्तों के साथ मिलकर रची थी 50 लाख की लूट की साजिश
ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा थाना क्षेत्र में दो दिन पहले हुई 50 लाख रुपये की लूट का खुलासा सिटी पुलिस ने शनिवार को दिया है। मामले में फरियादी के भाई, भाभी और उनके दो दोस्त आरोपी निकले हैं। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से लूट की सामग्री बरामद कर ली है।
पुलिस ने बताया कि 04 जून को डबरा की पिछोर रोड पर रहने वाली मोनिका श्रीवास्तव के घर पर लूट की वारदात हुई, उस समय उनकी भाभी पिंकी श्रीवास्तव घर पर अकेली थी। उसने जो कहानी बताई उसके अनुसार दो लोग ऐसी सर्विस करने का बहाना लेकर घर में आए, उसके हाथ पैर बंधे मारपीट की और अलमारी में से सोना चांदी और लगभग 50 लाख रुपये का सामान लूट ले गए।
आरोपियों ने पूरी योजना बनाकर इस घटना को अंजाम दिया था। मामले की शिकायत मिलने के बाद ग्रामीण एडिशनल एसपी जयराज कुबेर, एसडीओपी सौरभ कुमार, सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा ने आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी खंगाले। तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।
पुलिस ने बताया कि पिछोर रोड के यादव ढाबे के पास पीड़ित महिला द्वारा बताए गए हुलिया की बाइक जाती हुई दिखी। बस एक क्लू के बाद पुलिस लगातार सीसीटीवी से आरोपियों तक पहुंच रही थी तो दूसरी ओर पीड़ित महिला पिंकी की कहानी में गड़बड़ी नजर आ रही थी। शक की सुई पिंकी के पति पर जाकर टिक गई। पुलिस ने पिंकी के पति शुभम श्रीवास्तव को गिरफ्त में लिया तो पहले तो वह पुलिस को गुमराह करता रहा। बाद में पुलिस की सख्ती के आगे टूट गया और उसने अपने मित्र सोनू कौशिक निवासी ग्वालियर के साथ वारदात करना स्वीकार कर लिया।
इसके बाद पुलिस ने चारों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने बताया कि लूट गया जेवर ग्वालियर में तारागंज निवासी आसिफ खान के घर पर रख छुपा दिया गया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 46 लाख के सोने-चांदी के जेवरात और ढाई लाख रुपये नकदी और बाइक बरामद की है। कार्रवाई में उप निरीक्षक प्रशांत शर्मा, प्रधान आरक्षक शिवशांत पांडे,अविनाश पटसरिया, दिनेश सिंह,शिवम पाल,दीपक रावत,मिंटू परिहार, विनोद रावत सहित क्राइम ब्रांच की टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
सुधा जायसवाल ने मास कम्युनिकेशन एवं पत्रकारिता (MJMC) में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है और पत्रकारिता क्षेत्र में 12 वर्षों से सक्रिय हैं। वह अमर उजाला, स्वतंत्र भारत, जनसंदेश टाइम्स और तरुण मित्र जैसे संस्थानों में कार्य कर चुकी हैं। राजनीतिक, शिक्षा और नगर निगम सहित विभिन्न बीट्स पर रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाली सुधा वर्तमान में तरुण मित्र के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी हुई हैं।
