जंतर-मंतर प्रदर्शन के समर्थन पर फतेहाबाद के डीएमईओ निलंबित
विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक ने जारी किया आदेश
- डीएमईओ बोले- सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और मनगढ़ंत
फतेहाबाद। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड में तैनात जिला विपणन प्रवर्तन अधिकारी सुल्तान सिंह को हरियाणा सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक धर्मेंद्र सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पंचकूला स्थित हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक का कार्यालय रहेगा और वे बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के अपना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
हालांकि, सरकार और विभाग की ओर से जारी आधिकारिक सस्पेंशन आदेश में इस प्रशासनिक कार्रवाई के कारणों का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक व राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। चर्चा है कि सुलतान सिंह ने दिल्ली मे जंतर-मंतर पर स्टूडेंटस के प्रदर्शन का समर्थन किया था। इसके बाद सुलतान सिंह की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंची जिस पर यह कार्रवाई हुई है।
अपने निलंबन पर प्रतिक्रिया देते हुए डीएमईओ सुल्तान सिंह ने कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और मनगढ़ंत हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन का समर्थन करने के झूठे आरोप लगाकर उच्च अधिकारियों से उनकी शिकायत की गई थी।
सुल्तान सिंह ने स्पष्ट किया, उन्होंने किसी भी राजनीतिक या छात्र प्रदर्शन का समर्थन नहीं किया है। बता दें कि डीएमईओ सुल्तान सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले जून 2020 में जब वे हिसार मार्केट कमेटी में बतौर सचिव तैनात थे, तब उनका एक हाई-प्रोफाइल विवाद सामने आया था। हिसार के बालसमंद में निरीक्षण के दौरान भाजपा नेत्री और टिकटॉक स्टार स्वर्गीय सोनाली फोगाट के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी।
इसके बाद सोनाली फोगाट ने सुल्तान सिंह पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और अपशब्द कहने का आरोप लगाते हुए बीच बचाव और प्रशासनिक अमले के सामने ही उन पर थप्पड़ों और सैंडल से हमला कर दिया था। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हुआ था। बाद में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ क्रॉस एफआईआर दर्ज करवाई गई थी।
महाना ने कहा कि मेरी अपील है कि यहां आप सब लोग पार्टी से ऊपर उठकर विचार करें कि आने वाली पीढ़ी के लिए हम विरासत में क्या परंपराएं छोड़ रहे हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की विचारधारा एवं उनके सपनों को कितना सार्थक कर रहे हैं। अंत में इसके अतिरिक्त में यह भी कहना चाहूंगा कि मेरे मना करने के बाद भी कतिपय सदस्यों ने मीडिया और सोशल मीडिया को यहां के वीडियो और फोटोग्राफ्स दिए हैं। उसे प्रसारित किया गया है। यह आपत्तिजनक है।
उन्हाेंने बताया कि मीडिया के सम्मानित बंधुओ से भी मैने आग्रह किया था कि वे इसे प्रसारित नहीं करेंगे। इससे पहले जब वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही थी उस वक्त भी मैंने मना किया था तो उन्होंने इसे नहीं दिखाई। कल मेरे मना करने के पश्चात भी सदस्यों ने यहां की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर डाली। यह अत्यंत आपत्तिजनक है। यदि आप यह संदेश देना चाहते हैं कि हम नहीं सुधर सकते तो यह दुखद है। एक सदस्य का आचरण सामने नहीं आता बल्कि यह विधानसभा के 403 सदस्यों के बारे में जनता के बीच संदेश जाता है।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को विधानसभा में समाजवादी पार्टी के विधायकों ने बेल में आकर हंगामा किया था। उस दौरान सपा के विधायक इंजीनियर सचिन यादव मुख्यमंत्री की तस्वीर वाला एक पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस पर अध्यक्ष ने उन्हें रोका लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद उनका निलंबन किया गया था। वहीं बुधवार काे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने लगभग 11.20 बजे सदन आधा घंटे के लिए स्थगित कर दिया और इसके बाद सदन का स्थगन एक बजे तक बढ़ा दिया।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
