करोड़ों की ठगी का खुलासा: हाई-प्रोफाइल सिंडिकेट की महिला सदस्य गिरफ्तार
फतेहाबाद। भोले-भाले लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं के जाल में फंसाकर लाखों-करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ फतेहाबाद पुलिस ने एक और कामयाबी हासिल की है।
इकोनॉमिक सेल फतेहाबाद की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश की एक शातिर महिला ठग को गिरफ्तार किया है। पकड़ी गई आरोपी महिला की पहचान दीप्ति गुप्ता निवासी शालीमार गार्डन, आकाशदीप अपार्टमेंट्स, राजेंद्र नगर, गाजियाबाद के रूप में हुई है।
पुलिस ने महिला को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गौरतलब है कि इस हाई-प्रोफाइल ठगी के मामले में पुलिस पहले भी एक आरोपी को दबोच चुकी है।
इकोनॉमिक सेल के प्रभारी निरीक्षक संदीप सिंह ने बताया कि मताना निवासी सुरेश कुमार पुत्र प्रताप सिंह ने इस ठगी के खिलाफ पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायतकर्ता ने बताया कि रवि राय, सुभाष, दीप्ति गुप्ता, चंद्र प्रकाश गुप्ता और उनके अन्य साथियों ने मिलकर एक सोची-समझी साजिश रची। इन जालसाजों ने खुद को ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड का बड़ा अधिकारी और प्रतिनिधि बताया।
आरोपियों ने सुरेश कुमार को अपनी फर्जी निवेश योजनाओं में पैसे लगाने पर बेहद आकर्षक रिटर्न और भारी मुनाफे का सब्जबाग दिखाया। उनके झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने दो अलग-अलग पॉलिसियों के जरिए कुल 2 लाख 75 हजार रुपये निवेश कर दिए।
योजना के मुताबिक, आरोपियों ने वादा किया था कि समय पूरा होने पर वे मूल रकम के साथ-साथ बंपर मुनाफा भी लौटाएंगे। लेकिन जैसे ही पॉलिसियों की अवधि पूरी हुई, ठगों का असली चेहरा सामने आ गया।
आरोपियों ने किस्तों का भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया और शिकायतकर्ता की जमा पूंजी भी हजम कर गए। जब पीडि़त सुरेश कुमार ने अपनी गाढ़ी कमाई के पैसे वापस मांगे, तो आरोपी धमकियां देने लगे और लगातार टालमटोल करने लगे।
खुद को ठगा हुआ महसूस कर पीडि़त ने न्याय के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया। इस धोखाधड़ी को लेकर थाना शहर फतेहाबाद में 12 मई 2025 को केस दर्ज किया गया था।
इकोनॉमिक सेल के प्रभारी निरीक्षक संदीप सिंह ने साफ किया कि मामले की कड़ाई से की जा रही जांच के दौरान आरोपी महिला दीप्ति गुप्ता की इस पूरे सिंडिकेट में सीधी संलिप्तता और भूमिका उजागर हुई, जिसके बाद उसे गाजियाबाद से दबोच लिया गया।
पुलिस अब इस वित्तीय अपराध के हर एक पहलू को खंगाल रही है। गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों और उनके बैंक खातों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि जनता के पैसे की पाई-पाई बरामद की जा सके और बाकी बचे ठगों को भी जल्द से जल्द जेल की हवा खिलाई जा सके।
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माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
