एक्साइज भर्ती मामले में सांसद उमेश पटेल और पूर्व पंचायत सुखा को दो साल की सजा
आबकारी विभाग में सब-इंस्पेक्टर भर्ती के दौरान सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और अभद्र व्यवहार को लेकर 15 वर्ष बाद सुनाया अहम फैसला
दमन। दमन में वर्ष 2011 में आबकारी (एक्साइज) विभाग में सब-इंस्पेक्टर भर्ती के दौरान सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, अभद्र व्यवहार करने और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट के मामले में 15 वर्ष बाद अदालत ने अहम फैसला सुनाया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट ने दमन-दीव के वर्तमान निर्दलीय सांसद उमेश पटेल और पूर्व जिला पंचायत प्रमुख सुरेश उर्फ सुखा (सुब्बा) पटेल को दोषी ठहराते हुए दो-दो वर्ष के कारावास तथा 5-5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामले के अनुसार, 12 मार्च 2011 को दमन आबकारी विभाग ने मोटी दमन फुटबॉल मैदान में सब-इंस्पेक्टर भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षा आयोजित की थी। आरोप है कि परीक्षा के दौरान उमेश पटेल, सुरेश उर्फ सुखा (सुब्बा) पटेल, उम्मीदवार विपुल भगवान पटेल तथा अन्य दो लोग परीक्षा स्थल के प्रवेश द्वार पर पहुंचे और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार व धक्का-मुक्की करते हुए अंदर घुस गए।
ये खबर भी पढ़े : पेपर लीक के विरोध में गुजरात कांग्रेस का प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांगइसके बाद उन्होंने भर्ती समिति के सदस्यों के साथ बहस और गाली-गलौज की तथा उम्मीदवार विपुल पटेल की ऊंचाई दोबारा मापने की मांग को लेकर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की। इस घटना के बाद पुलिस ने सरकारी कार्य में अवरोध, अभद्र व्यवहार और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
पुलिस द्वारा आरोपपत्र दाखिल किए जाने के बाद दमन की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में मामले की सुनवाई हुई। सरकारी पक्ष की ओर से अधिवक्ता गोरधन पुरोहित ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर पक्ष रखा। अदालत ने दोनों आरोपिताें को दोषी मानते हुए दो-दो वर्ष की सजा और जुर्माना लगाया है।
हालांकि, फैसला सुनाए जाने के बाद दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया। सांसद उमेश पटेल अपनी सदस्यता बचाने के लिए अब उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय से राहत लेने का प्रयास कर सकते हैं।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
