प्रल्हाद जोशी बने नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री: जानिए उनकी शिक्षा, राजनीतिक सफर और नई जिम्मेदारियां
नई दिल्ली। वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उन्होंने यह जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संभाली है। जोशी अपने मौजूदा मंत्रालयों - उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार भी संभालते रहेंगे।
जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए क्या बोले?
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रल्हाद जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि वह "कर्तव्य और विनम्रता की भावना" के साथ यह दायित्व स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) समेत कई महत्वपूर्ण पहलें लागू की गईं और वह इन्हें आगे बढ़ाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
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27 नवंबर 1962 को विजयपुर (पूर्व नाम बीजापुर), कर्नाटक में जन्मे प्रल्हाद जोशी की प्रारंभिक शिक्षा रेलवे स्कूल, हुबली में हुई। इसके बाद उन्होंने न्यू इंग्लिश स्कूल, हुबली से माध्यमिक शिक्षा पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने श्री कदसिद्धेश्वर (के.एस.) आर्ट्स कॉलेज, हुबली से कला संकाय (बीए) में स्नातक की डिग्री प्राप्त की, जो कर्नाटक विश्वविद्यालय से संबद्ध है। सक्रिय राजनीति में आने से पहले वह व्यवसाय से जुड़े रहे।
राजनीतिक सफर
प्रल्हाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वह कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से वर्ष 2004 से लगातार पांच बार सांसद चुने जा चुके हैं।
उन्होंने पार्टी संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वर्ष 2019 से 2024 तक वह संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री रहे। 2024 के बाद उन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई।
नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री के रूप में उन्होंने नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना, पीएम-कुसुम योजना और देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने से जुड़े कई कार्यक्रमों की निगरानी की।
क्यों अहम है यह नियुक्ति?
प्रल्हाद जोशी ऐसे समय में शिक्षा मंत्रालय की कमान संभाल रहे हैं जब NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठे हैं। केंद्र सरकार पहले ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के पुनर्गठन, पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कानून, और 2027 से NEET को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के रूप में आयोजित करने जैसे सुधारों की घोषणा कर चुकी है।
अब नए शिक्षा मंत्री के रूप में प्रल्हाद जोशी के सामने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और छात्रों का भरोसा बहाल करने की बड़ी चुनौती होगी।
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गर्गी विश्वकर्मा वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़ी हैं और डिजिटल डिप्टी चीफ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। वह डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्पष्ट, तथ्यपरक और पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार करती हैं।
