निष्क्रिय खातों से फर्जीवाड़ा कर 30.67 लाख की ठगी, बीसी सेंटरों की भूमिका उजागर
नारायणपुर। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) शाखा नारायणपुर में हुए 30.67 लाख रुपये के बहुचर्चित बैंक धोखाधड़ी प्रकरण में आज बुधवार काे नारायणपुर पुलिस ने तीन और आरोपिताें अशोक जैन, सुनैना समुंद और रामकरण साहू को गिरफ्तार किया है।
पूछताछ के दौरान आरोपिताें से मामले से संबंधित बैंक पासबुक एवं अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। तीनों आरोपिताें को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इससे पहले आरोपित तिलकराम मंडावी और गोपाल सिंह समुंद को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका है। बैंकिंग प्रणाली में फर्जी दस्तावेजों, निष्क्रिय खातों के दुरुपयोग और फर्जी लेन-देन के जरिए लाखों रुपये की हेरा-फेरी करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है।
पुलिस के अनुसार, मामला पंजाब नेशनल बैंक शाखा नारायणपुर में हुए वित्तीय फर्जीवाड़े से जुड़ा है, जिसमें बैंक के निष्क्रिय खातों को दोबारा सक्रिय कर खाताधारकों की जानकारी के बिना फर्जी केवाईसी और आधार लिंकिंग के माध्यम से राशि निकाली गई।
इस पूरे प्रकरण में कुल 30 लाख 67 हजार 500 रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है। मामले की शुरुआत 5 फरवरी 2026 को बैंक शाखा प्रबंधक मनीष कुमार सोनी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत और बैंक की आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट से हुई थी।
ये खबर भी पढ़े : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एटापक्का कैंप में सीआरपीएफ 212 बटालियन ने योग कार्यक्रम का शुभारंभ कियाजांच में सामने आया कि बैंक कर्मचारी गोपाल सिंह समुंद ने रिकवरी एजेंट एवं बीसी सेंटर संचालकों तिलकराम मंडावी तथा रामकरण साहू के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से फर्जीवाड़ा किया।
विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि, कई वर्षों से निष्क्रिय पड़े खातों को पहले मामूली राशि जमा कर सक्रिय किया गया और फिर फर्जी दस्तावेजों की मदद से खातों से रकम निकाली गई।
जांच में यह भी पाया गया कि, विभिन्न बीसी सेंटरों के माध्यम से फर्जी व्यक्तियों को ले जाकर खातों से धनराशि निकाली गई। तिलकराम मंडावी के बीसी सेंटर से 6.27 लाख रुपये तथा रामकरण साहू के बीसी सेंटर से 15.47 लाख रुपये की निकासी किए जाने के साक्ष्य मिले हैं।
प्रकरण में पुलिस ने अब तक बैंक अभिलेख, खातों से जुड़े दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए हैं। इससे पहले आरोपित तिलकराम मंडावी और गोपाल सिंह समुंद को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका है।
नारायणपुर पुलिस का कहना है कि, मामले की जांच अभी जारी है। वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल की जा रही है और अन्य संभावित आरोपिताें की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
