सीबीएसई की त्रिभाषा नीति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की नई त्रिभाषा नीति को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष आज वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने मेंशन करते हुए कहा कि सीबीएसई की नई तीन भाषा नीति में नौंवी कक्षा से दो और भाषाओं को पढ़ना अनिवार्य बनाया गया है।
इन तीन भाषाओं में दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन करना जरुरी है। रोहतगी ने कहा कि अचानक कक्षा नौ के छात्रों को दो अतिरिक्त भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य करना उनकी दसवीं बोर्ड की तैयारी प्रभावित कर सकता है। वे अचानक दो भाषाएं कैसे सीख जाएंगे और दसवीं में उनकी परीक्षा देंगे। इससे छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ये नीति एक जुलाई से प्रभावी होगी। याचिका छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने दायर की है।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
