छात्र प्रदर्शन पर याचिका की तत्काल सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
CJI बोले- 'हमारा समय बर्बाद मत कीजिए'
नई दिल्ली। दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग स्वीकार नहीं की।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता नरेंद्र मिश्रा ने अदालत के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित कार्रवाई के वीडियो उपलब्ध हैं और मामले पर तत्काल सुनवाई की आवश्यकता है।इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालत के पास वीडियो देखने का समय नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत का समय और अपना समय अनावश्यक रूप से बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए। पीठ ने स्पष्ट किया कि केवल वीडियो के आधार पर तत्काल सुनवाई का आदेश नहीं दिया जा सकता।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ बल प्रयोग किया। इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई थी। हालांकि, शीर्ष अदालत ने तत्काल सुनवाई की मांग को स्वीकार नहीं किया। इसके साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि मामले पर सामान्य न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही आगे विचार किया जाएगा।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
