कैबिनेट : अपतटीय ऊर्जा क्षमता के दोहन के लिए ‘समुद्र मंथन’ योजना को मंजूरी
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने देश की विशाल अपतटीय ऊर्जा क्षमता का दोहन करने के लिए एक योजना को मंजूरी दी है जिससे तेल के भंडार में 60 करोड़ मीट्रिक टन से अधिक की वृद्धि होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना ‘समुद्र मंथन’ को मंजूरी दी। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की केंद्रीय क्षेत्र योजना के लिए वित्त वर्ष 2030-31 तक 84,084 करोड़ रुपये का परिव्यय निर्धारित किया गया है।
ये खबर भी पढ़े : भाजपा में बड़ा सियासी झटका, शहजाद पूनावाला के इस्तीफे की चर्चा तेज, X प्रोफाइल से हटाया BJP का नामकेन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव ने राष्ट्रीय मीडिया केन्द्र में पत्रकार वार्ता में कहा कि यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, घरेलू अन्वेषण और उत्पादन में तेजी लाने, तकनीकी नेतृत्व को बढ़ावा देने और विकसित भारत की परिकल्पना को आगे बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
योजना के तहत अपतटीय अन्वेषण गतिविधियों में पर्याप्त वृद्धि की जाएगी। साथ ही घरेलू तेल और गैस उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
