सुपौल में सफाई कर्मियों की हड़ताल, शहर में कूड़े का अंबार
मोहल्लों और बाजारों में कचरे के लगे ढेर
सुपौल। नगर परिषद के कर्मियों की तीन सूत्री मांगों को लेकर जारी हड़ताल का असर अब शहर की सफाई व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। लगातार छह दिनों से चल रही हड़ताल के कारण शहर में कूड़ा उठाव और साफ-सफाई का कार्य पूरी तरह ठप हो गया है।
इससे विभिन्न मोहल्लों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर कूड़े का अंबार लग गया है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बिहार लोकल बॉडीज ईम्प्लाईज एसोसिएशन के आह्वान पर नगर परिषद के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एकजुट होकर हड़ताल पर डटे हुए हैं।
ये खबर भी पढ़े : इंडी ने इंदौर नगर निगम के 103.42 करोड़ के घोटाले में 32 आरोपितों के खिलाफ पेश किया 20 हजार पन्नों का चालानकर्मियों का कहना है कि जब तक उनकी तीन सूत्री मांगों पर सरकार और संबंधित विभाग की ओर से सकारात्मक पहल नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। इससे दुर्गंध फैल रही है और लोगों में संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है।
स्थानीय नागरिकों ने जल्द से जल्द हड़ताल का समाधान निकालने और सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। नगरवासियों का कहना है कि बरसात के मौसम में लंबे समय तक कूड़ा जमा रहने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
लोगों ने प्रशासन और नगर परिषद से शीघ्र पहल कर कर्मियों की मांगों का समाधान निकालने तथा शहर की सफाई व्यवस्था सामान्य कराने की अपील की है। बुधवार को सफाई कर्मियों ने नप कार्यालय के प्रवेश द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया।
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माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
