भारतीय खिलाड़ियों को फिट घोषित करने से पहले होगा डबल चेक
दिल्ली : भारतीय क्रिकेट में अब किसी खिलाड़ी को फिट घोषित करना इतना आसान नहीं होगा। बार-बार फिटनेस के कारण टीम से बाहर होने वाले खिलाड़ियों के मामलों से सबक लेते हुए BCCI, सिलेक्शन कमेटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस यानी CoE ने फिटनेस को लेकर अपना रवैया और सख्त कर लिया है। अब किसी खिलाड़ी को इंटरनेशनल सीरीज के लिए उपलब्ध बताने से पहले उसकी फिटनेस को लेकर पूरी तरह आश्वस्त होने की कोशिश की जाएगी।
क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, नई नीति का मकसद उन हालात से बचना है, जब किसी खिलाड़ी को टीम में चुनने के कुछ दिन बाद ही वह अनफिट होकर बाहर हो जाए। BCCI से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, बोर्ड अब किसी खिलाड़ी की उपलब्धता को लेकर केवल 100 नहीं, बल्कि 200 प्रतिशत तक भरोसा करना चाहता है।
इस बदलाव के पीछे तेज गेंदबाज हर्षित राणा का मामला बड़ा उदाहरण है। करीब पांच महीने बाद जून में आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए उनकी टीम में वापसी हुई थी, लेकिन दो सप्ताह के भीतर ही वह चोटिल होकर बाहर हो गए। उन्हें इंग्लैंड दौरे से वापस भेजना पड़ा और उनकी जगह प्रिंस यादव को टीम में शामिल किया गया।
कई खिलाड़ियों के मामले में आखिरी वक्त पर बदलाव
राणा का मामला अकेला नहीं है। श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए चुने गए जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन की जगह बाद में क्रमश: आकिब नबी और सरफराज खान को शामिल करना पड़ा। इसी तरह आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे पर नितीश कुमार रेड्डी की जगह आखिरी समय में सूर्यांश शेडगे को टीम में लाया गया। जिम्बाब्वे दौरे पर वरुण चक्रवर्ती की जगह रवि बिश्नोई को शामिल किया गया था।
लगातार हुए इन बदलावों के बाद CoE अब खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरत रहा है। यही वजह है कि हाल के दिनों में कुछ खिलाड़ियों का सिलेक्शन फिटनेस टेस्ट पास करने की शर्त पर किया जा रहा है। अफगानिस्तान के खिलाफ T20I सीरीज के लिए घोषित टीम में जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर, नितीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा के नाम के साथ फिटनेस संबंधी शर्त लगाई गई है।
फिटनेस रिपोर्ट में पारदर्शिता पर जोर
CoE हेड वीवीएस लक्ष्मण ने मौजूदा पॉलिसी पर फिर से जोर दिया और इसे पारदर्शिता लाने की एक कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को स्पष्ट रूप से पता होता है कि वे सीरीज के लिए पूरी तरह तैयार हैं या नहीं। यह हमेशा खिलाड़ी और टीम को ध्यान में रखकर किया जाता है। इसलिए बातचीत आसानी से हो रही है। उन्हें लगता है कि BCCI ने जो किया है, उससे सभी फिटनेस रिपोर्ट और सिलेक्शन में पारदर्शिता आई है।
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सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
