भारत बनाम श्रीलंका मुकाबले ने पार की रोमांच की हदें
भारत और श्रीलंका : भारत और श्रीलंका के बीच ट्राई सीरीज का मुकाबला जबरदस्त रोमांच से भरपूर रहा। पहले तो 50 ओवर का मैच टाई हो गया। ऐसा लगा कि मैच अब सुपर ओवर में नहीं जाएगा, क्योंकि रोशनी काफी कम हो चुकी थी। लेकिन आखिर में अंपायर सुपर ओवर के लिए तैयार हुए। सुपर ओवर में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा। मैच में इतना रोमांच था कि सभी लोग सांसें रोककर इसे देख रहे थे। इससे पहले अफगानिस्तान के खिलाफ भी भारतीय टीम हार चुकी है।
भारत और श्रीलंका के बीच 50 ओवर का मैच बराबर स्कोर पर हुआ खत्म
ट्राई सीरीज के तीसरे मैच में सोमवार को भारत और श्रीलंका की टीमें आमने सामने आईं। भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी। उसने निर्धारित 50 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 265 रनों का स्कोर खड़ा किया। इसके बाद जब श्रीलंका की टीम मैदान पर उतरी तो उसने 49.2 ओवर में अपने सभी विकेट खोकर 265 रन बना दिए। यानी मैच टाई हो गया। इसके बाद सुपर ओवर की बारी आई, हालांकि रोशनी कम थी, इसलिए अंपायर इसके लिए तैयार नहीं हुए।
कप्तान तिलक वर्मा ने काफी देर तक की अंपायर से बात
भारतीय टीम और उसके कप्तान तिलक वर्मा लगातार सुपर ओवर की मांग कर रहे थे। यानी वे सुपर ओवर चाहते थे। काफी देर बाद तक जब तिलक वर्मा ने सुपर ओवर की मांग की तो अंपायर ने श्रीलंका टीम से भी पूछा। जब दोनों कप्तान तैयार हो गए तो सुपर ओवर शुरू हुआ। श्रीलंका की टीम जब बल्लेबाजी के लिए उतरी तो कप्तान ने बॉल अरशद खान को थमाई। इन छह बॉल पर श्रीलंका ने 6 रन बना दिए। यानी अब भारत को जीत के लिए 17 रनों की जरूरत थी।
ये खबर भी पढ़े : फीफा विश्व कप 2026: लारिन के देर से किए गोल ने कनाडा को हार से बचाया, बोस्निया से 1-1 की बराबरीसुपर ओवर में भारतीय टीम को करना पड़ा हार का सामना
भारत की ओर से वैभव सूर्यवंशी और सूर्यांश शेडगे बल्लेबाजी के लिए उतरे। पहली बॉल पर सूर्यांश शेडगे ने दो रन बनाए। दूसरी बॉल पर वे कोई रन नहीं बना सके। तीसरी बॉल पर उन्होंने सिंगल लिया। यानी अब तक तीन बॉल पर भारत का स्कोर तीन रन हो चुका था। सुपर ओवर की तीसरी बॉल वैभव ने खेली। इस पर उन्होंने दो रन बनाए। अब भारत को बीच हुई दो बॉल पर 12 रन बनाने थे। यानी दो छक्के चाहिए थे। वैभव सूर्यवंशी स्ट्राइक पर थे। उम्मीद थी कि वे दो छक्के मार देंगे, लेकिन पांचवी बॉल पर केवल चौका आया। इसके बाद भारत को आखिरी बॉल पर आठ रन की जरूरत थी, जो कि करीब करीब असंभव था, जब तक कि श्रीलंकाई टीम कोई भूल ना करे। आखिरी बॉल पर वैभव केवल एक ही रन बना सके। इसके साथ ही भारतीय टीम इस मैच को हार गई।
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सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
