स्वतंत्रता दिवस पर सीएम योगी का युवाओं को तोहफा, नई ‘यूथ पॉलिसी’ लाने का ऐलान
लखनऊ। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित विधानभवन में ध्वजारोहण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं काे ‘यूथ पॉलिसी’ का ताेहफा दिया। उन्हाेंने नई यूथ पॉलिसी लाने की घोषणा करते हुए कहा कि इससे भविष्य में युवाओं को एक एकीकृत दृष्टिकोण के साथ उनके कौशल, नवाचार और रोजगार को और अधिक मजबूती मिलेगी। योगी ने जाेर देकर कहा कि सरकार का संकल्प हर युवा के हाथ में कौशल, नवाचार और रोजगार देना है और वही काम सरकार कर रही है।
शनिवार को स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ ने अपने आवास और विधानभवन में ध्वजारोहण किया। विधानभवन में ध्वजारोहण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं, महिलाओं, शिक्षकों, कर्मचारियों समेत सभी वर्गों के लिए किए जा रहे कार्याें और योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार के बाद उत्तर प्रदेश अब ‘उपद्रव प्रदेश’ से ‘उत्सव प्रदेश’ बन चुका है। कभी बीमारू राज्यों में गिना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज देश की अर्थव्यवस्था के ‘ग्रोथ इंजन’ की भूमिका निभा रहा है। पॉलिसी पैरालिसिस को समाप्त कर प्रदेश को निवेश के ‘ड्रीम डेस्टिनेशन’ के रूप में स्थापित किया गया है।
ये खबर भी पढ़े : हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपमानित किये जाने के विरोध में निकाली सत्याग्रह मॉर्चमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज एक घोषणा करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि ‘यूथ पॉलिसी’ के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को एक एकीकृत दृष्टिकोण के साथ उनके कौशल, नवाचार और रोजगार को और अधिक मजबूती प्रदान करने में हमें सफलता प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि युवाओं की क्षमता और संभावनाओं का सही उपयोग करने के संकल्प को और गति दी जाएगी।
योगी आदित्यनाथ ने युवा शक्ति को उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि प्रदेश का युवा प्रतिभावान, परिश्रमी और देश एवं समाज के लिए कुछ कर गुजरने की इच्छाशक्ति से भरपूर है। युवाओं की प्रतिभा में ही उत्तर प्रदेश की शक्ति निहित है। सरकार ने नकल माफिया और भर्ती माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है और प्रदेश के डेमोग्राफिक डिविडेंड को ‘डेवलपमेंट इंजन’ में बदला जा रहा है। जेन-जी और जेन-अल्फा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, सेमीकंडक्टर, स्टार्टअप इकोसिस्टम, डेटा सेंटर, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, साइबर, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल, एग्रीटेक, फिनटेक, डीप टेक और मेड टेक जैसे क्षेत्रों में तेजी से काम आगे बढ़ाया गया है। इससे निवेश, नवाचार और रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सीएम युवा उद्यमी योजना के माध्यम से स्वरोजगार के लिए युवाओं को ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। हर मंडल मुख्यालय पर स्पोर्ट्स कॉलेज, हर जिले में स्टेडियम, हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम और हर गांव में खेल का मैदान एवं ओपन जिम विकसित किए जा रहे हैं। आज उत्तर प्रदेश का युवा पलायन की समस्या से मुक्त हो चुका है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सुशासन के मॉडल का प्रभाव है कि उत्तर प्रदेश को पिछले 9 वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये का निवेश मिला है, चार करोड़ से ज्यादा रोजगार का सृजन हुआ, बड़े उद्योगों की संख्या ढाई गुना बढ़ी, 22 हजार से ज्यादा स्टार्टअप भी हो गए हैं और 9 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। उन्होंने कहा कि इंसेफ्लाइटिस जैसी संचारी बीमारियों को खत्म कर दिया गया है। स्कूलों में ड्रॉपआउट रेट 19 फीसदी से घटकर केवल 3 फीसदी बचा है। पिछले 9 साल में शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइयों को उचित मानदेय दिया है।
प्रदेश में कानून व्यवस्था में आए व्यापक सुधार की चर्चा करते हुए योगी ने कहा कि आज हमारी बहनें और बेटियां कभी भी बाजार जा सकती हैं, पढ़ाई के लिए अकेले जा सकती हैं, अपने कार्य से घर लौट सकती हैं और अपने सपनों को पूरा कर सकती हैं। पिछले नौ वर्षों में नारी शक्ति को उचित सम्मान दिलाने के साथ उन्हें असुरक्षा से भी आजादी दिलाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम ऐसा उत्तर प्रदेश बना रहे हैं, जहां विरासत भी है और भविष्य की तकनीक भी। जहां संस्कृति का गौरव और आधुनिकता की गति साथ-साथ होगी, परंपरा की जड़ें मजबूत होंगी और विकास के पंख आसमान छूते दिखाई देंगे।
एक भारत- श्रेष्ठ भारत की दिखी झलक
इस अवसर पर समारोह में संस्कृति विभाग की ओर से 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की भावना को केंद्र में रखते हुए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड, पूर्वांचल, अवध और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति के साथ जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, गुजरात और बिहार के कलाकारों ने अपनी-अपनी लोक परंपराओं की झलक प्रस्तुत की। ‘गणपति बप्पा मोरया’ और ‘छठी मैया’ के लोकगीतों से लेकर विभिन्न राज्यों के लोकनृत्यों तक कलाकारों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर उतार दिया।
राज्यपाल ने जनभवन में ध्वजारोहण किया
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जनभवन में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर जन भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा आदर्श माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। सभी लोगों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम में राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रध्वज हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों की याद दिलाता है, जिन्होंने देश को आजादी दिलाने के लिए संघर्ष, त्याग करते हुए अपना बलिदान दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के विकास और भविष्य को लेकर किए गए संकल्पों को समझना और उन्हें साकार करने में अपनी भूमिका तय करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में देश ने अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है और बड़ी संख्या में लोग गरीबी से बाहर आए हैं, लेकिन अभी भी समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।
मंत्रियों ने किया ध्वजारोहण
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्वतंत्रता दिवस पर प्रयागराज में धवजारोहण किया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने शाहजहांपुर में, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने देवरिया में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में ध्वजारोहण कर शहीदों को नमन किया। इसी प्रकार याेगी सरकार के अन्य मंत्रियाें ने अपने-अपने जिलाें में स्वतंत्रता दिवस समाराेहाें में भाग लिया और शहीदाें को नमन किया। प्रधानमेंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पुलिस लाइंस, कलेक्ट्रेट परिसर, रेल इंजन कारखाना समेत सरकारी, गैर सरकारी और निजी संस्थानों में ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। लोगों को देश के वीर सपूतों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में स्वतंत्रता दिवस पर विशेष आयोजन हुआ।
इसी प्रकार गोरखपुर में संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन द्वारा बाबा गंभीर नाथ प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने ध्वजारोहण किया। उन्होंने राष्ट्र ध्वज को सलामी दी और शहीदों को नमन किया। मेरठ शहर में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर विभिन्न स्थानों पर ध्वजारोहण और देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए गये। प्रभात फेरियां निकाली गयीं। स्कूलों, संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आवासीय कॉलोनियों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गये।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
