भारतीय टीम ने पहला वनडे मैच 7 विकेट से अपने नाम किया
धर्मशाला : भारतीय टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत काफी धमाकेदार तरीके से करते हुए धर्मशाला के स्टेडियम में खेले गए पहले मुकाबले को 7 विकेट से अपने नाम किया। बारिश के चलते दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला तय समय से काफी देरी से शुरू हुआ जिसमें 25-25 ओवर्स का खेला गया। टीम इंडिया ने पहले मुकाबले के लिए अपनी प्लेइंग 11 में दो नए खिलाड़ी गुरनूर बरार और हर्ष दुबे को शामिल किया जिसमें दोनों ने ही इंटरनेशनल क्रिकेट के अपने पहले मुकाबले में 3-3 विकेट हासिल करने के साथ मिलकर ऐसा खास कारनामा किया कि वनडे क्रिकेट इतिहास में एक खास लिस्ट का बन गए।
वनडे में सिर्फ तीसरी बार किसी फुल मेंबर टीम की तरफ से हुए ये कमाल
ऐसा काफी कम ही देखने को मिला है कि इंटरनेशनल क्रिकेट में एक साथ दो खिलाड़ियों को किसी मुकाबले में डेब्यू करने का मौका मिला है और वह दोनों ही गेंदबाज हैं। वहीं गुरनूर बरार और हर्ष दुबे ने अपने डेब्यू मुकाबले में जैसे ही 3-3 विकेट हासिल किए उसके साथ वह वनडे इतिहास में फुल मेंबर्स टीमों में सिर्फ तीसरी ऐसी जोड़ी बने जो एक ही मैच में डेब्यू करते हुए कम से कम तीन या उससे अधिक विकेट लेने में कामयाब हुए हैं। इससे पहले साल 1971 में जनवरी महीने में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में एशले मैलेट और कीथ स्टैकपोल को डेब्यू का मौका मिला था जिसमें दोनों ने 3-3 विकेट हासिल किए थे। इसके अलावा साल 1997 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे मुकाबले में वेस्टइंडीज की तरफ से कॉलिन क्रॉफ्ट और जोएल गार्नर ने डेब्यू करते हुए 3-3 विकेट हासिल किए थे। वहीं फुल मेंबर्स और एसोसिएट देशों को मिलाकर देखा जाए तो ऐसा वनडे में सिर्फ 7वीं बार देखने को मिला है।
गुरनूर ने अपने पहले ही ओवर में गति और लेंथ से किया सभी को प्रभावित
घरेलू क्रिकेट में पंजाब की तरफ से खेलने वाले 6 फुट से अधिक लंबे तेज गेंदबाज गुरनूर बरार पिछले काफी समय से टीम इंडिया में अपनी जगह बनाने का दावा पेश कर रहे थे। अफगानिस्तान के खिलाफ पहले वनडे में जब गुरनूर को डेब्यू का मौका मिला तो उन्होंने अपनी 5वीं ही गेंद पर इब्राहिम जादरान का विकेट हासिल कर लिया। गुरनूर की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक देखने को मिली जिसके बाद साल 2027 के वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए गेंदबाजी में वह टीम इंडिया के लिए तुरुप का इक्का बन सकते हैं।
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सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
