राम मंदिर ट्रस्ट में सुधार की तैयारी, अब पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था होगी लागू
कोषाध्यक्ष बोले-केवल इस्तीफे नहीं, कार्यप्रणाली में सुधार से दूर होंगी सभी विसंगतियां
ट्रस्ट को अब तक हुई 3,200 करोड़ रुपये की आय, खर्च के बाद शेष हैं 1,800 करोड़: स्वामी गोविंद देव गिरि
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हाल के विवादों के बाद व्यवस्थाओं में व्यापक बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने मंगलवार को कहा कि मंदिर की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल इस्तीफे लेने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि व्यवस्था में सुधार ही स्थायी उपाय है।
स्वामी गोविंद देव गिरि ने बताया कि मंदिर प्रबंधक गोपाल राव को पहले ही सूचित कर दिया गया है कि अब वे इस दायित्व का निर्वहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था तैयार की जा रही है, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि या भ्रम की स्थिति न बने।
ये खबर भी पढ़े : अयोध्या में दर्दनाक हादसा: नदी किनारे खड़े एक ही परिवार के पांच लोग गिरे, तीन की मौत, दो लापताउन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद से ट्रस्ट को अब तक लगभग 3,200 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई है। निर्माण और अन्य कार्यों पर खर्च के बावजूद ट्रस्ट के पास करीब 1,800 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि दान और वित्तीय प्रबंधन को लेकर पैदा हुए भ्रम को दूर करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों के सवाल पर स्वामी गोविंद देव गिरि ने कहा कि यह मामला केवल पद छोड़ने तक सीमित नहीं है। ट्रस्ट का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि चंपत राय की कार्यशैली को लेकर आपत्तियां थीं, लेकिन उनके चरित्र या आर्थिक ईमानदारी पर कोई सवाल नहीं है।
एसपी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही कोई टिप्पणी की जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि सुधारात्मक कदमों के बाद ट्रस्ट पहले से अधिक व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से कार्य करेगा।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
