समायोजित कर परमानेंट करें , होगी जय-जयकार
— समायोजन पर अंतिम निर्णय सरकार का
लखनऊ। विभिन्न विभागों एवं कर्मचारी वर्गों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की पहल का स्वागत करते हुए उत्तर प्रदेश क्षय रोग वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष करुणा शंकर मिश्र ने संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों और उनके परिवारों की पीड़ा सरकार के समक्ष रखी है। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को भी चिकित्सा सुरक्षा और स्थायी भविष्य प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मचारियों के हितों से जुड़े विषयों पर शासन और सरकार की ओर से विभाग को पत्र भेजे गए हैं। विभाग के कर्मचारियों की लंबी सेवा अवधि,अनुभव और वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर सकारात्मक प्रस्ताव तैयार कर शासन के समक्ष रखना चाहिए। प्रस्ताव तैयार करने में अनावश्यक देरी से हजारों संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों और उनके परिवारों की उम्मीदें प्रभावित हो रही हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि टीबी, कैंसर, किडनी, लीवर और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कई संविदा कर्मचारी आर्थिक कठिनाइयों के कारण समय पर समुचित उपचार नहीं करा पाते। कई साथी असमय दुनिया छोड़ चुके हैं और उनके परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। करुणा शंकर मिश्र ने अपील करते हुए कहा, “ मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री , हम आपसे दया की भीख मांगते हैं। हम विनम्र अनुरोध करते हैं कि हमारे परिवारों की रक्षा करें। हमने अपने जीवन के 10 से 25 वर्ष प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को दिए हैं। हमें समायोजित कर परमानेंट कर दें और हमारे परिवारों को चिकित्सा सुरक्षा प्रदान करें। हमारे परिवारों को असहाय और बेसहारा होने से बचा लें।”उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा विभिन्न वर्गों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की पहल स्वागत योग्य है। स्वास्थ्य सेवाओं में दिन-रात कार्य करने वाले संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों और उनके परिवारों को भी आयुष्मान अथवा कैशलेस चिकित्सा सुविधा के दायरे में लाया जाना चाहिए।करुणा शंकर मिश्र ने कहा, “विभाग से हमारा विनम्र अनुरोध है कि वह हमारे भविष्य का निर्णय स्वयं न करे। हमें पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री हमारी पीड़ा को समझेंगे।”उन्होंने कहा कि संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी सरकार से अपने परिवारों के लिए चिकित्सा सुरक्षा और सम्मानजनक स्थायी भविष्य की अपेक्षा रखते हैं। यदि सरकार लंबे समय से सेवा दे रहे संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के समायोजन और चिकित्सा सुरक्षा के संबंध में ऐतिहासिक निर्णय लेती है तो प्रदेश का पूरा संविदा स्वास्थ्य परिवार सरकार का हृदय से आभारी रहेगा। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, “हमें समायोजित कर परमानेंट कर दें। पूरा संविदा स्वास्थ्य परिवार आपकी जय-जयकार करेगा। वर्षों से सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने वाले संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों और उनके परिवारों को अब सरकार की संवेदनशीलता और संरक्षण की आवश्यकता है।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
