सुप्रीम कोर्ट ने 105 वर्षीय बुजुर्ग कैदी की रिहाई का दिया आदेश
बुजुर्ग को 1994 में हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा मिली थी
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने उम्रकैद की सजा काट रहे 105 साल के एक बुजुर्ग कैदी को जेल से रिहा करने का आदेश दिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह आदेश दिया।
याचिकाकर्ता रसिक चंद्र मंडल का जन्म 1921 में बंगाल के मालदा में हुआ था। मंडल ने उम्रकैद की सजा मिलने के बाद 2020 में अंतरिम जमानत के लिए आवेदन किया गया था। इसके बाद 2024 में उसे पैरोल दी गई थी। चीफ जस्टिस ने कहा कि याचिकाकर्ता की अंतरिम रिहाई को जेल से समय से पहले रिहाई में बदल दिया जाना चाहिए। रसिक चंद्र मंडल को 1994 में हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा मिली थी।
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हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
