जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्यसभा में पक्ष-विपक्ष का हंगामा
कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित
- विपक्ष ने पुलिस बर्बरता पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को राज्यसभा में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष ने इस मुद्दे पर चर्चा और जवाबदेही की मांग की, जिसके चलते सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक फिर प्रश्नकाल शुरू होते ही हंगामे के कारण कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने हंगामे के बीच कहा कि देश में लोग सुरक्षित नहीं हैं और लोकतंत्र भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस बर्बरता पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
खरगे के बयान का जवाब देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल किसी भी छात्र कार्यकर्ता के खिलाफ पुलिस ने परिस्थितियों के अनुसार कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, "मैं भी छात्र जीवन में गिरफ्तार हुआ था। आपातकाल के दौरान जेल गया था। आंदोलन करने वाला हर छात्र कार्यकर्ता जानता है कि ऐसे आंदोलनों में क्या परिस्थितियां हो सकती हैं।"
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इस दौरान राज्यसभा के सभापति ने हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाने का प्रयास किया लेकिन विपक्षी सदस्य जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई पर चर्चा की मांग को लेकर लगातार नारेबाजी करते रहे। राज्यसभा में कुछ सदस्यों के बोलने के बाद लगातार जारी हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक फिर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
