राम मंदिर चढ़ावा मामले पर कांग्रेस का बड़ा बयान, पीएम मोदी से मांगा जवाब
राम मंदिर ट्रस्ट तत्काल भंग हो, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच: कांग्रेस
नई दिल्ली। कांग्रेस ने अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण को गंभीर बताते हुए मंदिर ट्रस्ट को तत्काल भंग कर नया ट्रस्ट गठित करने की मांग की है। पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि इस पूरे मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के किसी मौजूदा या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिए।
गहलोत ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए मामले में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। उनका आरोप था कि यदि यह केवल लापरवाही का मामला होता तो एफआईआर दर्ज करने, एसआईटी गठित करने और गिरफ्तारियां करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि घटनाक्रम गंभीर सवाल खड़े करता है और मामले को दबाने की कोशिश की गई।
ये खबर भी पढ़े : निकाह, हलाला व तीन तलाक की आड़ में शोषण, पर्सनल लॉ की आड़ में अपराध स्वीकार नहीं : हाईकोर्टकांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के गठन में संतों और धमार्चार्यों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। उनका कहना था कि नए ट्रस्ट में धार्मिक संतों और धमार्चार्यों को शामिल किया जाना चाहिए। गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ने और देश के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। साथ ही उन्होंने मंदिर निर्माण के शुरूआती दौर में भूमि खरीद से जुड़े विवादों का भी उल्लेख किया।
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हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
