गुड कोलेस्ट्रॉल का लेवल कितना होना चाहिए ताकि आपका दिल स्वस्थ रहे
गुड कोलेस्ट्रॉल : आजकल देश दुनिया में हार्ट के मरीजों की संख्या बढ़ी है। हार्ट की बीमारी बढ़ने के पीछे मुख्य वजह शरीर में बढ़ता बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल है। खराब जीवनशैली और खानपान की वजह से अब हार्ट की बीमारी युवाओं को भी अपनी चपेट में तेजी से ले रही है। ऐसे में हार्ट हेल्दी रहे इसलिए शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) का बढ़ना ज़रूरी है। शरीर में गुड़ कोलेस्ट्राल कितना होना चाहिए? ये क्या काम करता है और कैसे बढ़ेगा? अगर आप भी यह जानना चाहते हैं तो साओल हार्ट सेंटर के संस्थापक, एमबीबीएस और एमडी, डॉक्टर बिमल छाजेर बता रहे हैं कि हेल्दी हार्ट के लिए आपके शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल का स्तर कितना होना चाहिए?
एचडीएल कोलेस्ट्रॉल क्या है?
एचडीएल कोलेस्ट्रॉल यानी की गुड कोलेस्ट्रॉल। यह एक प्रोटीन फैट मॉलिक्यूल है जो ब्लड में तैरते रहता है। इसको गार्बेज ट्रक बोलते हैं क्योंकि यह खून में जमे ब्लॉकेज को कम करने में मदद करता है। ये बैड कोलेस्ट्रल को रिवर्स करने में बेहद मददगार है। इसमें मौजूद एपोलिपोप्रोटीन ए, ए 1 और ए 2 हमारे ब्लॉकेज को रिमूव करने में मदद करता है। इसलिए इसको गुड प्रोटीन बोल जा सकता है।
एचडीएल कोलेस्ट्रॉल (HDL) क्या काम करता है?
एचडीएल कोलेस्ट्रॉल धमनियों के बीच से जाता है और जाते समय उसमें चिपके खराब कोलेस्ट्रॉल और एक्स्ट्रा प्लाक को इकट्ठा करके लिवर तक ले जाता है। वहाँ जाकर ये आसानी से शरीर से निकल जाते हैं जिससे धमनियों की ब्लॉकेज साफ होती है।
कितना होना चाहिए गुड कोलेस्ट्रॉल?
टोटल कोलेस्ट्रॉल से एक चौथाई ज़्यादा होना चाहिए। यानी अगर आपका टोटल कोलेस्ट्रॉल 200 है तो आपका गुड कोलेस्ट्रॉल 50 के ऊपर होना चाहिए। यानी अपना कोलेस्ट्रॉल आप नंबर से नहीं रेश्यो से याद रखें। अगर आपका टोटल कोलेस्ट्रॉल 100 है तो आपका गुड कोलेस्ट्रॉल 25 के आसपास होना चाहिए।
कैसे बढ़ेगा गुड कोलेस्ट्रॉल?
गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने के लिए ज़रूरी है कि आप हेल्दी लाइफ स्टाइल अपनाएं। वॉक करें। हरी सब्जियां खूब खाएं। अपने खानपान में ऑयल का सेवन कम करें। स्मोकिंग न करें। कुछ अच्छी आदतों को फॉलो करने से बैड कोलेस्ट्रॉल कम होगा और शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ेगा।
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लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
