नेपाल के सत्तारूढ़ दल के संसदीय उपनेता ने ही संसद में की सरकार की आलोचना
काठमांडू। सत्तारूढ़ दल राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (आरएसपी) के संसदीय दल के उपनेता विपिन आचार्य ने सदन में गुरुवार को कहा कि सरकार संसद की गरिमा को कम करने का काम कर रही है।
संसद के ‘शून्य समय’ में उन्होंने कहा कि सांसदों के गंभीर मुद्दों की भी सरकार लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने इस पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतिनिधि सभा में सांसद जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाते हैं, लेकिन सरकार उन पर ध्यान नहीं देती। आरएसपी के सह-महामंत्री आचार्य ने कहा कि यदि शून्य समय में हमारे द्वारा उठाई गई बातें सुनी जाती हैं, दर्ज की जाती हैं और उन्हें कार्यान्वयन की प्रक्रिया में आगे बढ़ाया जाता है, तो इसे शून्य समय नहीं बल्कि ‘पूर्ण समय’ कहा जाना चाहिए। लेकिन यदि जनता की पीड़ा और सांसदों के सवाल बोलने के बाद भी शून्य में ही विलीन हो जाते हैं, तो इसका नाम ‘ब्लैक होल समय’ रख देना चाहिए।”
उन्होंने ‘ब्लैक होल’ का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार वैज्ञानिक तथ्य के अनुसार ब्लैक होल में प्रकाश तक गायब हो जाता है, उसी तरह संसद में नागरिकों की आवाज, जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और सरकार की जिम्मेदारी भी गायब नहीं होनी चाहिए। आचार्य ने कहा, “शून्य समय वह संवैधानिक द्वार है, जिसके माध्यम से जनता की पीड़ा संसद तक पहुंचती है, लेकिन दरवाजा खुलने के बाद आगे बढ़ने का रास्ता भी होना चाहिए। सांसद बोलते रहें, सरकार न सुने, जनता आवाज उठाती रहे और व्यवस्था मौन बनी रहे—यह परंपरा अब समाप्त होनी चाहिए।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
