नेपालः सड़ने- गलने लगे शव, प्रभावित क्षेत्रों में महामारी फैलने का खतरा

Published By Mahi Khan
On
Mahi Khan Picture

काठमांडू। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में मारे गए लोगों और पशुओं के शव सड़ने-गलने से प्रभावित क्षेत्रों में महामारी और संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है।

बाढ़ में सैकड़ों लोग लापता हुए हैं, जिनमें से बहुत कम लोग जीवित मिले हैं, जबकि अधिकांश के शव अब तक नहीं मिले हैं बाढ़ में हजारों पशु बह गए या मारे गए हैं, लेकिन उनके शवों के प्रबंधन की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है।

रूस के साथ युद्ध में यूक्रेन असहाय, नहीं बचे अमेरिकी पैट्रियट इंटरसेप्टर ये खबर भी पढ़े : रूस के साथ युद्ध में यूक्रेन असहाय, नहीं बचे अमेरिकी पैट्रियट इंटरसेप्टर

चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि इससे महामारी का रूप भयावह हो सकता है। इसलिए समय रहते तैयारी और सावधानी जरूरी है।

इधर-उधर बिखरे शवों के कारण हैजा, दस्त, स्क्रब टाइफस, रोटावायरस, टाइफाइड, हेपेटाइटिस-ए और ई, लेप्टोस्पायरोसिस, डेंगू, मलेरिया, त्वचा संबंधी संक्रमण और श्वसन संक्रमण फैलने की आशंका को लेकर संक्रामक रोग विशेषज्ञ चिंतित हैं।

वरिष्ठ संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. शेरबहादुर पुन ने चेतावनी दी कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल स्वास्थ्य संबंधी सतर्कता नहीं अपनाई गई तो सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है।

उन्होंने कहा, “सिर्फ इंसान ही नहीं, हजारों की संख्या में पशु भी मारे गए हैं। अब धीरे-धीरे उनके सड़ने और गलने की स्थिति बनने लगी है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।

अनावश्यक लोग भी वहां जाते दिखाई दे रहे हैं। कुछ लोग तो केवल देखने के लिए जा रहे हैं। अगर किसी एक व्यक्ति को कोई संक्रामक रोग हो गया तो वह पूरे देश में फैल सकता है।

बाढ़ का अनुमान नहीं था, लेकिन बीमारी के फैलने का अनुमान लगाया जा सकता है। सरकार और नागरिक समाज को समय रहते सतर्क होना चाहिए।”

फिलहाल बाढ़ प्रभावित लोग सामूहिक रूप से रह रहे हैं। उनका खान-पान और रहने की व्यवस्था एक ही जगह पर है। डॉ. पुन के मुताबिक, टेंट या खुले स्थानों में रहने के दौरान मच्छर और अन्य कीड़े लोगों को काट सकते हैं और इसके जरिए एक-दूसरे में संक्रमण फैल सकता है।

उन्होंने कहा, “विस्थापित लोगों के सामूहिक रूप से रहने वाले स्थानों पर अगर पेयजल और गैर-खाद्य सामग्री का वितरण व्यवस्थित तरीके से नहीं किया गया तो स्थिति बदतर हो सकती है।

खास तौर पर पानी से होने वाले रोग, हवा से फैलने वाले संक्रमण और दस्त संबंधी बीमारियों के फैलने का खतरा है। स्क्रब टाइफस का जोखिम और भी ज्यादा है।

ऐसे समय में कीटों से फैलने वाली बीमारियों का भी अत्यधिक खतरा होता है। इसलिए सरकार को उनके स्वस्थ खान-पान और सुरक्षित रहने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना चाहिए।”

डॉ. पुन ने सुझाव दिया कि पानी को उबालकर या क्लोरीन का इस्तेमाल करने के बाद ही पीना चाहिए, नियमित रूप से साबुन-पानी से हाथ धोने चाहिए, अस्थायी शिविरों में शौचालय और कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाना चाहिए तथा बुखार, दस्त, उल्टी या त्वचा में संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य संस्थान पहुंचना चाहिए।

बाढ़ ने रसुवा और नुवाकोट में हजारों घरों और अन्य संरचनाओं को पूरी तरह तबाह कर दिया है। इन घरों में रहने वाले कई लोग लापता हैं और उनके पाले हुए पशु मारे गए हैं।

बाढ़ में बहकर आए लोगों के शव धादिङ, गोरखा, तनहुँ, चितवन और नवलपरासी पूर्व तक मिले हैं। जहां सरकार के लिए इंसानों के शवों का प्रबंधन करना ही चुनौतीपूर्ण हो रहा है, वहीं मरे हुए पशुओं के शवों के प्रबंधन पर अभी पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मृत पशुओं के सड़ने और उनसे जीवाणु फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

मुख्य प्रभावित क्षेत्रों में रसुवा और त्रिशूली अस्पताल को छोड़कर अन्य स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र या तो पूरी तरह नष्ट हो गए हैं या काम करने की स्थिति में नहीं हैं।

सेना, नेपाल पुलिस और स्वास्थ्य मंत्रालय स्वास्थ्य शिविर चला रहे हैं। हालांकि, उपचार के लिए ये शिविर पर्याप्त नहीं हैं। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सुधा शर्मा ने कहा कि इस समय संक्रामक रोग फैलने का खतरा अधिक है, इसलिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, “अभी शव जगह-जगह बिखरे हुए हैं, कुछ शव टुकड़ों में भी पड़े हो सकते हैं। पशु तो और भी बड़ी संख्या में मरे हैं। इससे घातक बीमारियां फैलने का खतरा है।

विस्थापित बस्तियों के लोगों को सामूहिक रूप से रखा गया है। ऐसी स्थिति में अगर स्वच्छता का थोड़ा भी ध्यान नहीं रखा गया तो दस्त और निमोनिया जैसी बीमारियां फैल सकती हैं।

गर्भवती महिलाओं, बच्चों और नवजात शिशुओं में ज्यादा समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए उन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। शवों और मृत पशुओं का जल्द से जल्द प्रबंधन किया जाना चाहिए।”

पूर्व मंत्री शर्मा ने सुझाव दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव, रहने की जगहों पर विशेष ध्यान, खान-पान की निगरानी, साफ पानी का वितरण, शवों का सुरक्षित प्रबंधन और मृत पशुओं को खोजकर व्यवस्थित तरीके से दफनाने जैसे कदम उठाए जाने चाहिए। इससे महामारी और संक्रामक रोगों के खतरे को कम किया जा सकता है।

नुवाकोट के प्रमुख जिला अधिकारी शम्भुप्रसाद रेग्मी के अनुसार, त्रिशूली, बेत्रावती और विदुर क्षेत्रों में मृत पशुओं की संख्या बहुत अधिक है। आशंका है कि कुछ पशु शव मलबे के नीचे दबे हुए हैं।

संक्रमण फैलने के खतरे को देखते हुए शनिवार से इन क्षेत्रों में दवाओं का छिड़काव और मिले हुए मृत पशुओं को व्यवस्थित तरीके से दफनाने का काम शुरू किया गया है।

उन्होंने कहा, “मुख्य काम लोगों की जान बचाना है। महामारी फैलने के खतरे को देखते हुए हमने शनिवार से स्वास्थ्य मंत्रालय के समन्वय में काम शुरू कर दिया है।

जहां-जहां संभव है, वहां दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है और मृत पशुओं को खोजकर उनका उचित प्रबंधन भी किया जा रहा है। हालांकि, अभी ऐसी स्थिति नहीं है कि हम हर जगह पहुंचकर काम कर सकें।”

 

लेखक के बारे में

Mahi Khan Picture

माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।

नवीनतम

यूपी के 32 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी

प्रयागराज। आगामी चौबीस घंटे के मध्य प्रयागराज सहित उत्तर प्रदेश के 32 जिलों में बारिश की संभावना है। प्रदेश में...
उत्तर प्रदेश 
यूपी के 32 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी

प्रयागराज में तेजी से बढ़ा गंगा-यमुना का जलस्तर, अलर्ट जारी

प्रयागराज। विश्व प्रसिद्ध प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। रविवार सुबह आठ...
उत्तर प्रदेश 
प्रयागराज में तेजी से बढ़ा गंगा-यमुना का जलस्तर, अलर्ट जारी

कोयला खदान में घुसा दंतैल हाथी, कामगारों में मची अफरा-तफरी

अंबिकापुर। सरगुजा संभाग में हाथियों की आवाजाही के बीच शनिवार रात एक दंतैल हाथी उदयपुर विकासखंड के परसा-केते क्षेत्र स्थित...
छत्तीसगढ़ 
कोयला खदान में घुसा दंतैल हाथी, कामगारों में मची अफरा-तफरी

राजस्थान में थमा मानसून, 2 सितंबर से फिर बारिश के आसार

जयपुर। राजस्थान में मानसून की गतिविधियां फिलहाल थम गई हैं। शनिवार को लगातार दूसरे दिन प्रदेश में बारिश नहीं हुई।...
राजस्थान 
राजस्थान में थमा मानसून, 2 सितंबर से फिर बारिश के आसार

नेपालः सड़ने- गलने लगे शव, प्रभावित क्षेत्रों में महामारी फैलने का खतरा

काठमांडू। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में मारे गए लोगों और पशुओं के शव सड़ने-गलने से प्रभावित क्षेत्रों में महामारी...
अंतर्राष्ट्रीय 
नेपालः सड़ने- गलने लगे शव, प्रभावित क्षेत्रों में महामारी फैलने का खतरा

उत्तर प्रदेश

यूपी के 32 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी

प्रयागराज। आगामी चौबीस घंटे के मध्य प्रयागराज सहित उत्तर प्रदेश के 32 जिलों में बारिश की संभावना है। प्रदेश में...
उत्तर प्रदेश 
यूपी के 32 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी

प्रयागराज में तेजी से बढ़ा गंगा-यमुना का जलस्तर, अलर्ट जारी

प्रयागराज। विश्व प्रसिद्ध प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। रविवार सुबह आठ...
उत्तर प्रदेश 
प्रयागराज में तेजी से बढ़ा गंगा-यमुना का जलस्तर, अलर्ट जारी

IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद दिया इस्तीफा

लखनऊ। 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने करीब 13 वर्षों की प्रशासनिक सेवा के बाद अपनी इच्छा से...
राज्य  उत्तर प्रदेश 
 IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद दिया इस्तीफा

सड़क घेरकर खतरनाक तरीके से वाहन चलाते हुए स्टंटबाजी एवं रील बनाने वाले 02 अभियुक्त गिरफ्तार

प्रतापगढ़। गुरुवार को थाना हथिगवां क्षेत्रान्तर्गत पुरनेमऊ-बेंती मार्ग पर ग्राम महेवा मोहनपुर निवासी आकाश पासी पुत्र दिनेश पासी के जन्मदिन...
उत्तर प्रदेश 
सड़क घेरकर खतरनाक तरीके से वाहन चलाते हुए स्टंटबाजी एवं रील बनाने वाले 02 अभियुक्त गिरफ्तार