भारतीय मूल के श्रीराम कृष्णन ने व्हाइट हाउस से इस्तीफे का किया ऐलान
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) नीति को आकार देने वाले चेन्नई में जन्मे भारतीय मूल के तकनीकी विशेषज्ञ श्रीराम कृष्णन इस महीने के अंत तक व्हाइट हाउस में वरिष्ठ एआई नीति सलाहकार का पद छोड़ देंगे। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।
42 वर्षीय कृष्णन ने कहा कि व्हाइट हाउस में अमेरिकी जनता की सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात रही। उन्होंने बताया कि पद छोड़ने के बाद कुछ समय का विराम लेंगे और फिर अमेरिका के सामने एआई से जुड़ी बड़ी चुनौतियों पर काम करने के लिए नई भूमिका में लौटेंगे।
श्रीराम कृष्णन ट्रंप प्रशासन के महत्वाकांक्षी "एआई एक्शन प्लान" के प्रमुख रणनीतिकार रहे। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र में नियमों को सरल बनाने, देशभर में डेटा सेंटरों के विस्तार और एआई नवाचार को बढ़ावा देने की नीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। वह उन सलाहकारों में भी शामिल रहे जिन्होंने राज्यों की एआई नियामक शक्तियों को सीमित करने संबंधी कार्यकारी आदेश का मसौदा तैयार किया।
ये खबर भी पढ़े : बलोचिस्तान: शटल ट्रेन पर आत्मघाती हमला, 27 सैन्य अधिकारी मारे गए, 131 से ज्यादा घायलव्हाइट हाउस में उनके सहयोगी और राष्ट्रपति की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सलाहकार परिषद के सह-अध्यक्ष डेविड सैक्स ने कृष्णन की तकनीकी समझ, रणनीतिक सोच और नीतिगत विशेषज्ञता की सराहना करते हुए उनके योगदान को असाधारण बताया।
चेन्नई में 1984 में जन्मे श्रीराम कृष्णन ने एसआरएम विश्वविद्यालय से बीटेक की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2007 में वह माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े और बाद में फेसबुक, ट्विटर (अब एक्स) सहित कई प्रमुख टेक कंपनियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
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हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
