‘खुशियों की पाठशाला’ से बच्चों के गर्मी की छुट्टियां बनेंगी ज्ञानवर्धक
संस्कृति विभाग ने किया रचनात्मक और ज्ञानवर्धक गतिविधियां आयोजित
राज्य संग्रहालय में ग्रीष्मकालीन इंटरएक्टिव गतिविधि में बच्चों ने लिया भाग
लखनऊ। रविवार राज्य संग्रहालय में रविवार को ग्रीष्मकालीन इंटरएक्टिव गतिविधि 'खुशियों की पाठशाला' का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों, अभिभावकों और संग्रहालय दर्शकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। यह कार्यक्रम बच्चों के लिए रचनात्मक और ज्ञानवर्धक था।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में रचनात्मक सोच विकसित करना, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनकी बौद्धिक क्षमता को प्रोत्साहित करना था। इसके तहत 'एक पेड़ मां के नाम', 'रंगों की मस्ती, अलंकरण में अभिव्यक्ति' और 'ऑन द स्पॉट क्विज' जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। बच्चों ने इन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। 'एक पेड़ मां के नाम' गतिविधि के माध्यम से बच्चों को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया गया। रंगों से संबंधित गतिविधियों ने उनकी कल्पनाशीलता और कलात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा दिया।

क्विज प्रतियोगिता ने बच्चों के सामान्य ज्ञान और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का परीक्षण किया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से सहयोग किया। संग्रहालय में आए अन्य दर्शकों की सहभागिता ने भी इस आयोजन को और अधिक सफल बनाया। इस कार्यक्रम का निर्देशन राज्य संग्रहालय के निदेशक डॉ. विनय कुमार सिंह ने किया। सहायक निदेशक डॉ. मीनाक्षी खेमका ने कार्यक्रम के समन्वयन की जिम्मेदारी संभाली।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
