भारत से बढ़ते व्यापार घाटे पर बांग्लादेश का निर्यात प्लान
ढाका। बांग्लादेश सरकार भारत और चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे को कम करने के लिए किसी एक देश पर केंद्रित रणनीति अपनाने के बजाय देश की कुल निर्यात क्षमता बढ़ाने पर जोर देगी। वाणिज्य मंत्री खांडकर अब्दुल मुक्तादिर ने गुरुवार को संसद में यह जानकारी दी।
बांग्लादेश की सरकारी समाचार एजेंसी बांग्लादेश संगबाद संस्था (बीएसएस) के मुताबिक, मंत्री ने जातीय संसद में प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान विपक्षी जमात-ए-इस्लामी के सांसद एम. अब्दुल बातेन के पूरक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि भारत और चीन के साथ बांग्लादेश का व्यापार घाटा काफी बड़ा है.
लेकिन इसे केवल किसी एक देश से जुड़ी समस्या के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमें किसी एक देश पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय अपनी कुल निर्यात क्षमता बढ़ाने की जरूरत है।”
मुक्तादिर ने बताया कि सरकार ने निर्यात बढ़ाने की संभावनाओं वाले कई क्षेत्रों की पहचान की है। इनमें चमड़ा, जूट, जहाज निर्माण, हल्का इंजीनियरिंग और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में अनुकूल नीतियां बनाने और नए निवेश को आकर्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही, ऐसे उद्योगों को भी विकसित करने की कोशिश हो रही है, जो अभी अपनी पूरी निर्यात क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर पाए हैं।
वाणिज्य मंत्री के अनुसार, बांग्लादेश और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार का कुल मूल्य करीब 12.7 अरब अमेरिकी डॉलर है। इसमें बांग्लादेश भारत को लगभग 1.89 अरब डॉलर का सामान निर्यात करता है.
जबकि भारत से होने वाला आयात इससे काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के साथ बांग्लादेश का व्यापार घाटा पिछले वित्त वर्ष की तुलना में और बढ़ा है।
मंत्री ने यह भी कहा कि भारत में बांग्लादेशी उत्पादों के निर्यात की अभी काफी संभावनाएं मौजूद हैं, लेकिन द्विपक्षीय व्यापार में भारतीय पक्ष की ओर से कुछ प्रतिबंध भी हैं।
मुक्तादिर ने बताया कि पिछले दो वर्षों में भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार में बांग्लादेश की ओर से भी कुछ बाधाएं सामने आई हैं।
हाल में बांग्लादेश आए भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने दोनों देशों के व्यापारियों के साथ मिलकर बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक टास्क फोर्स गठित करने का प्रस्ताव दिया है।
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताई है और भारत के साथ निर्यात बढ़ाने के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। कहा कि हम कई तरह से कोशिश कर रहे हैं ताकि भविष्य में भारत के साथ हमारा निर्यात और बढ़ाया जा सके।
व्यापार घाटे पर निजी क्षेत्र की भूमिका
भारत के साथ बड़े व्यापार घाटे पर बोलते हुए मुक्तादिर ने कहा कि निजी क्षेत्र के कारोबारी अपने व्यापारिक हित और लाभ को ध्यान में रखते हुए भारत से विभिन्न वस्तुओं का आयात करते हैं।
उन्होंने संकेत दिया कि व्यापार घाटे को कम करने के लिए केवल आयात घटाने पर निर्भर रहने के बजाय बांग्लादेश को अपनी उत्पादन और निर्यात क्षमता मजबूत करनी होगी, ताकि विदेशी बाजारों में बांग्लादेशी उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाई जा सके।
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