ट्रंप ने ईरान से समझौते को लेकर दिया बड़ा बयान
डोनाल्ड ट्रंप : अमेरिका और ईरान के बीच काफी दिनों से तनाव जारी है। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर बातचीत चल रही है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट कर कहा है कि ईरान के साथ जल्द ही समझौते पर हस्ताक्षर होने वाला है। उन्होंने कहा कि यह समझौता होते ही होर्मुज स्ट्रेट सभी के लिए खुल जाएगा। ट्रंप ने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है, तो हमारे पास अंतिम विकल्प है, जिसका उपयोग शायद फिर कभी न करना पड़े!
"ओबामा के समझौते से विपरित है हमारा समझौता"
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, "बराक हुसैन ओबामा का ईरान के साथ समझौता, JCPOA, परमाणु हथियार हासिल करने का एक आसान, सुंदर और सुगम रास्ता था, जो ईरान को छह साल पहले ही मिल गया होता और उसने इसका इस्तेमाल बहुत पहले ही कर लिया होता। ईरान के साथ मेरा समझौता ठीक इसके विपरीत है- परमाणु हथियार न बनने देने वाली दीवार! वास्तव में, अब वे परमाणु हथियार नहीं चाहते हैं, और न ही वे इसे खरीद, विकास या किसी अन्य माध्यम से हासिल करेंगे।"
"सभी के लिए खुल जाएगा होर्मुज स्ट्रेट"
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में आगे कहा, "ईरान के साथ समझौते पर कल (रविवार को) हस्ताक्षर होने वाले हैं, और हस्ताक्षर होते ही होर्मुज स्ट्रेट सभी के लिए खुल जाएगा। ईरान के साथ हमारे संबंध पिछली सरकारों के संबंधों से कहीं अधिक भिन्न और बेहतर हैं। ओबामा द्वारा उन्हें दिए गए सैकड़ों अरब डॉलर के भुगतान के विपरीत, जिसमें 1.7 अरब डॉलर नकद भी शामिल हैं, इस बार पैसों का कोई लेन-देन नहीं होगा। उचित समय आने पर, जब सब कुछ शांत हो जाएगा, हम अपने शानदार बी-2 बमवर्षक विमानों और उनके कुशल पायलटों की बदौलत शक्तिशाली धंसे हुए ग्रेनाइट पहाड़ों के नीचे दबे न्यूक्लियर डस्ट को निकालेंगे और उसे नष्ट कर देंगे, चाहे वह ईरान में हो या संयुक्त राज्य अमेरिका में।"
"हमारे पास अंतिम विकल्प भी है"
ट्रंप ने कहा, "हम ईरान और पूरे मिडिल-ईस्ट के साथ भविष्य में भी सहयोग करने के लिए तत्पर हैं। आशा है कि यह प्रक्रिया शीघ्र, सरल और सुचारू रूप से संपन्न होगी। यदि ऐसा नहीं होता है, तो हमारे पास अंतिम विकल्प है, जिसका उपयोग शायद फिर कभी न करना पड़े!"
ईरान ने तय तारीख के दावों को किया खारिज
बता दें कि एक तरफ ट्रंप ने भी समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर किए जाने की बात कह दी है, तो वहीं दूसरी तरफ ईरान की तरफ से इसे लेकर कोई बयान सामने नहीं आ रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने एक बयान में कहा कि इस्लामाबाद मेमोरेंडम पर आने वाले दिनों में साइन होने की संभावना से मना नहीं किया जा सकता, लेकिन इसकी तय तारीख को लेकर किसी भी प्रकार का दावा करना अभी जल्दबाजी होगी। ईरान की तरफ से आए इस बयान के बाद शहबाज शरीफ के उस क्लेम पर प्रश्न खड़े होने लगे हैं, जिसमें शहबाज शरीफ ने शांति समझौते पर अगले 24 घंटे में साइन होने का दावा किया था।
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लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
