कुंडली में पितृदोष बन सकता है पारिवारिक कलह और रुकावटों का कारण
पितृ दोष : कुंडली में पितृदोष होने से व्यक्ति के जीवन में परेशानियां आ सकती हैं। खासकर पारिवारिक जीवन में लड़ाई-झगड़े और करियर के क्षेत्र में रुकावटों का कारण पितृदोष हो सकता है। इसलिए पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए इससे जुड़े उपाय अवश्य करने चाहिए। आइए ऐसे में जान लेते हैं कि कुंडली में पितृदोष बनता कैसे है और इसके बुरे प्रभावों से बचने के लिए आपको क्या करना चाहिए।
पितृदोष कैसे बनता है?
कुंडली में सूर्य को पिता और पूर्वजों का कारक माना जाता है। अगर सूर्य की युति राहु-केतु या शनि के साथ हो रही है तो इसे पितृदोष माना जाता है।
पंचम और नवम भाव में राहु या केतु और सूर्य की युति हो तो पितृदोष अधिक गंभीर होता है।
नवम भाव कमजोर हो यानि नीच हो या 6,8, 12 भाव में हो तब भी पितृदोष कुंडली में मौजूद रहता है।
पांचवें भाव में यदि पाप ग्रह जैसे-शनि, राहु, केतु, मंगल विराजमान हों तो पितृदोष कुंडली में रहता है।
पितृदोष से मुक्ति के उपाय
पितृ दोष को दूर करने के लिए पीपल के वृक्ष की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है क्योंकि पीपल के वृक्ष में पितरों का वास माना जाता है। पीपल को जल चढ़ाना, पीपल के पास दीपक जलाने से पितृ दोष से आपको मुक्ति मिल सकती है।
हर पितृपक्ष के दौरान पितरों की पूजा करने से, पितरों के निमित्त तर्पण, दान आदि करने से पितृ दोष से मुक्ति आपको मिल सकती है।
कौए को रोटी खिलाने, चीटियों को दान डालने, गाय की सेवा करने से भी पितृ दोष से आपको मुक्ति मिल सकती है।
पितरों की कृपा प्राप्ति के लिए 'ॐ श्री सर्व पितृ देवताभ्यो नमो नमः' का जप आपको करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से पितृ दोष भी दूर होता है।
भगवान विष्णु और महादेव की पूजा करने से पितृ दोष से आप मुक्ति पा सकते हैं।
ब्रह्माणों को भोजन और जरूरदमंदों को अन्न, वस्त्र दान करने से भी पितृ दोष से आपको मुक्ति मिलती है।
अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त दान और तर्पण करना भी बेहद शुभ माना जाता है।
अगर आप घर के बड़े-बुजुर्गों का आदर करते हैं और उनकी सेवा करते हैं तो आपको पितृ दोष के बुरे प्रभाव देखने को नहीं मिलते।
पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए गया जाकर भी आप पितृ पूजन कर सकते हैं।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
