जनपद में बेचे जाने वाले मिलावटी दुग्ध उत्पादों के खिलाफ चला खाद्य सुरक्षा विभाग का चाबुक

फिरोजाबाद ,आम जनमानस को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण दूध तथा दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराना खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है दूध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट की शिकायतों तथा इनके माध्यम से जनस्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को दृष्टिगत रखते हुए आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेश में दूध एवं दुग्ध उत्पादों में अपमिश्रण की प्रभावी रोकथाम हेतु महत्वपूर्ण निर्देश जारी किये गये हैं
खाद्य एवं सुरक्षा आयुक्त चन्दन पाण्डेय द्वारा जारी आदेश का मुख्य उद्देश्य दूध एवं दुग्ध उत्पादों में विजातीय वसा, हानिकारक रसायनों एवं अन्य अपमिश्रकों के प्रयोग पर प्रभावी अंकुश लगाना तथा ऐसे खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करना है। जिनके द्वारा जनस्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले अपमिश्रित अथवा असुरक्षित दुग्ध उत्पादों का निर्माण, प्रसंस्करण अथवा विक्रय किया जाता है।
जारी आदेश के अनुसार किसी भी डेयरी एवं डेयरी उत्पाद निर्माण प्रसंस्करण इकाई में यदि विजातीय वसा तथा हानिकारक रसायनों एवं अपमिश्रकों की उपस्थिति पाई जाती है। तो संबंधित परिसर में उपलब्ध समस्त दुग्ध उत्पादों को नियमानुसार जब्त कर विनष्ट कराने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही ऐसे प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आदेश में जनस्वास्थ्य की गंभीरता को देखते हुए आकस्मिक प्रतिबंध आदेश जारी कर संबंधित निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से बंद कराने के भी निर्देश दिये गये हैं। यदि किसी प्रतिष्ठान द्वारा जनस्वास्थ्य के लिए हानिकारक रसायनों का प्रयोग संगठित रूप से किये जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध प्रचलित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी। इसी प्रकार, यदि किसी विशिष्ट ब्रांड के दूध अथवा दुग्ध उत्पाद में गंभीर अपमिश्रण की पुष्टि होती है। तो संबंधित ब्रांड के विक्रय पर प्रदेशव्यापी प्रतिबंध लगाए जाने की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस-पंजीकरण को खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबार का लाइसेंस एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने के भी निर्देश दिये गये हैं। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है, कि यदि प्रदेश के बाहर निर्मित दूध एवं दुग्ध उत्पादों में भी हानिकारक रसायनों अथवा विजातीय वसा की पुष्टि होती है, तो संबंधित ब्रांड के प्रदेश में विक्रय पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
उक्त आदेश के अनुपालन में जिलाधिकारी सन्तोष कुमार शर्मा द्वारा निर्गत आदेश के अनुपालन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम द्वारा जनपद में दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा मिलावटखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से विशेष प्रवर्तन अभियान प्रारंभ किया गया है।
इसी क्रम मेंमंगलवार को शिकोहाबाद नगर पालिका क्षेत्र में विभिन्न डेयरी एवं खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठानों में उपलब्ध खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, रख-रखाव, स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की स्थिति का जायजा लिया गया तथा संदिग्ध दुग्ध उत्पादों के नमूने नियमानुसार संग्रहित किये गये है। जिसमे कृष्णा डेयरी, शिकोहाबाद प्रतिष्ठान का निरीक्षण करते हुए वहां उपलब्ध पनीर का एक नमूना जांच हेतु संग्रहित किया गया।
वही राधिका डेयरी, शिकोहाबाद प्रतिष्ठान का निरीक्षण कर पनीर का एक नमूना नियमानुसार संग्रहित किया गया।
मोहन डेयरी, शिकोहाबाद डेयरी का निरीक्षण करते हुए उपलब्ध पनीर का एक नमूना जांच हेतु लिया गया। एवं
पाण्डेय डेयरी, शिकोहाबाद प्रतिष्ठान से पनीर का एक नमूना संग्रहित किया गया।
गोपाल डेयरी, शिकोहाबाद प्रतिष्ठान का निरीक्षण कर उपलब्ध घी का एक नमूना जांच हेतु संग्रहित किया गया।
होटल ताज अनुषी, शिकोहाबाद होटल में उपयोग किये जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के उद्देश्य से पनीर एवं काजू के एक-एक नमूने, अर्थात कुल दो नमूने, संग्रहित किये गये तथा पायी गयी कमियों के खिलाफ सुधार नोटिस जारी किया।
इस प्रकार कार्रवाई में विभिन्न प्रतिष्ठानों से कुल 08 खाद्य नमूने संग्रहित किये गये, जिनमें पनीर के 06 नमूने, घी का 01 नमूना तथा काजू का 01 नमूना शामिल है।
संग्रहित सभी नमूनों को नियमानुसार सीलबंद कर विधिक प्रक्रिया के अनुसार जांच हेतु खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला से प्राप्त विश्लेषण रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी नमूने में निर्धारित खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन, अपमिश्रण अथवा अन्य कोई अनियमितता पाई जाती है। तो संबंधित खाद्य कारोबारकर्ता के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 एवं उसके अंतर्गत बनाए गये नियमों,विनियमों के प्रावधानों के अनुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग मिलावटखोरी के विरुद्ध अभियान रहेगा जारी रखेगा।
और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है, कि दूध एवं दुग्ध उत्पादों में किसी भी प्रकार की मिलावट को जनस्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जाएगा। विभाग द्वारा ऐसे प्रतिष्ठानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, जहां दूध, पनीर, घी, खोया एवं अन्य दुग्ध उत्पादों के निर्माण अथवा विक्रय की गतिविधियां संचालित होती हैं। आयुक्त के निर्देशों के क्रम में जनपद में यह विशेष अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। विभागीय टीमों द्वारा डेयरी, दूध विक्रय केंद्र, दुग्ध उत्पाद निर्माण/प्रसंस्करण इकाइयों, होटल, रेस्टोरेंट एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया जाएगा तथा आवश्यकता के अनुसार खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किये जाएंगे।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जनपद के समस्त खाद्य कारोबारकर्ताओं से अपील की है, कि
जनपदवासियों को शुद्ध एवं सुरक्षित दूध तथा दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, द्वारा मिलावटखोरी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई निरंतर जारी रखी जायेगी।
कार्यवाही के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुण कुमार, विनोद वर्मा, मनोज कुमार, सेनेटरी सुपरवाइजर राजकुमार आदि शामिल थे।
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लेखक के बारे में
रविंद्र वर्मा वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के फिरोज़ाबाद ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ के साथ वह समाचार कवरेज और रिपोर्टिंग का कार्य कर रहे हैं।
