बिना तेल के तैयार करें हरी मिर्च का पानी वाला अचार
हरी मिर्च का अचार : राजस्थान का हरी मिर्च का पानी वाला अचार जिसे कांजी की मिर्च भी कहा जाता है गर्मियों और मानसून के मौसम में बहुत चाव से खाया जाता है। इस अचार की सबसे खास बात यह है कि इसमें एक बूंद भी तेल का इस्तेमाल नहीं होता और इसका खट्टा-तीखा पानी पेट के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। ये खाने में जितना स्वादिष्ट लगता है, बनाना भी उतना ही आसान है। यहां हम आपके लिए हरी मिर्च का पानी वाले अचार की आसान सी रेसिपी लेकर आए हैं। तो बिना देरी किए यहां से नोट कर लें राजस्थान की फेमस पानी वाले अचार की रेसिपी।
सामग्री
हरी मिर्च: 250 ग्राम
पीली सरसों या राई: 3 बड़े चम्मच (दरदरी पिसी हुई)
सौंफ पाउडर: 2 बड़े चम्मच (दरदरा पिसा हुआ)
हल्दी पाउडर: 1 छोटा चम्मच
हींग
काला नमक: 1 छोटा चम्मच
सफेद नमक: स्वादानुसार
नींबू का रस: 2 बड़े चम्मच
पानी: 2 से 3 कप
बनाने की विधि
सबसे पहले हरी मिर्च को अच्छे से धो लें और सूती कपड़े से पोंछकर पूरी तरह सुखा लें। ध्यान रहे, मिर्च में बिल्कुल नमी नहीं होनी चाहिए। अब एक पैन लें और इसमें 2-3 कप पानी डालें। फिर इसमें हरी मिर्च डालें और 5-10 स्टीम होने दें। जब ये स्टीम हो जाए गैस बंद कर दें और मिर्चों को एक प्लेट में निकाल लें।
अब इसके मसाले तैयार करें। इसके लिए पीली सरसों या राई, सौंफ पाउडर, हल्दी पाउडर, हींग, काला नमक, सफेद नमक डालकर इसे दरदरा पीस लें।
इसके बाद एक मिक्सिंग बाउल में दरदरी पिसी राई, सौंफ, हल्दी, हींग, काला नमक और सफेद नमक को आपस में अच्छी तरह मिला लें।
अब हरी के बीच में चीरा लगाएं और तैयार मसाले को चम्मच या उंगलियों की मदद से कटी हुई हरी मिर्च के बीच में अच्छे से भरें।
मसाला भरी मिर्चों को एक साफ, सूखे और कांच के जार में डालें। फिर बचा हुआ मसाला भी ऊपर से डाल दें।
अब जिस पानी में मिर्च को उबाला था उसे पूरी तरह ठंडा कर लें। इस ठंडे किए हुए पानी को जार में इतना डालें कि मिर्चियां पूरी तरह पानी में डूब जाएं। आखिरी में नींबू का रस डालें। आप चाहें तो विनेगर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
जार का ढक्कन बंद करके इसे 2 से 3 दिन के लिए धूप में रख दें। रोज दिन में एक बार जार को अच्छे से हिलाएं। 2 दिन बाद इस मिर्च का लुत्फ उठाएं।
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लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
