हॉर्मुज में बढ़ा टकराव, अमेरिकी कार्रवाई से पश्चिम एशिया में फिर गहराया तनाव
अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य की दिशा में बढ़ रहे ईरान के चार ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया
डेस्क । पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य की दिशा में बढ़ रहे ईरान के चार ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ये ड्रोन क्षेत्र में गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों और समुद्री गतिविधियों के लिए खतरा बन सकते थे, इसलिए तत्काल कार्रवाई की गई।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार ड्रोन को निष्क्रिय करने के बाद ईरान के तटीय इलाकों में मौजूद कुछ निगरानी और रडार प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया गया। अमेरिका का आरोप है कि ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य में दबाव बनाकर अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव सीधे वैश्विक ऊर्जा बाजारों को प्रभावित कर सकता है।
ताजा घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच जारी तनाव को और बढ़ा दिया है। हाल के दिनों में लगातार हो रही सैन्य कार्रवाइयों और जवाबी हमलों ने संघर्षविराम की संभावनाओं को कमजोर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं संभले तो पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है।
इस बीच सप्ताह की शुरुआत में कुवैत के एक प्रमुख हवाई अड्डे पर हुए ड्रोन हमले ने भी चिंता बढ़ा दी थी। इस घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई थी जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे। हमले के कारण हवाई अड्डे की सेवाएं भी कुछ समय के लिए बाधित हुई थीं।बढ़ते तनाव के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने स्थिति को लेकर आशावादी रुख दिखाया है। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन संघर्ष को नियंत्रित करने और स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रहा है। ट्रंप ने विश्वास जताया कि अमेरिका अपने रणनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने में सफल रहेगा।
उधर, लेबनान में भी हालात पूरी तरह शांत नहीं हैं। अमेरिका की मध्यस्थता से हुए संघर्षविराम समझौते के बावजूद ईरान समर्थित संगठन Hezbollah ने इस व्यवस्था को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। इसके बाद क्षेत्र में नई झड़पों और हमलों की खबरें सामने आ रही हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से लेकर लेबनान तक फैला यह तनाव पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। यदि दोनों पक्ष संयम नहीं बरतते हैं तो क्षेत्र में व्यापक संघर्ष की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
