शाम की चाय का वक्त हो और साथ में गरमा-गरम पकौड़े मिल जाएं, तो?
मूंग दाल के पकौड़े : मौसम सुहावना हो और शाम की गरमा-गरम चाय के साथ पकौड़े मिल जाए तो इससे अच्छा कुछ हो ही नहीं सकता। शाम की चाय के साथ ज्यादातर लोग प्याज और आलू के पकौड़े खाना पसंद करते हैं। लेकिन क्या कभी आपने मूंग दाल का पकौड़ा ट्राय किया है। ये खाने में काफी स्वादिष्ट लगता है। लेकिन लोगों की शिकायत रहती है कि मूंग दाल के पकौड़े उनसे अच्छे नहीं बन पाते। अगर आपके साथ भी यही समस्या है तो घबराने की जरूरत नहीं है। यहां हम आपके लिए मूंग दाल पकौड़े की आसान सी रेसिपी लेकर आए हैं जिसकी मदद से आप आसानी से क्रिस्पी पकौड़े बना सकते हैं। यहां से फटाफट नोट करें रेसिपी।
सामग्री
धुली या छिलके वाली मूंग दाल: 1 कप
बारीक कटा प्याज: 1 मध्यम आकार का
हरी मिर्च: 2-3 (बारीक कटी हुई)
अदरक: 1 इंच का टुकड़ा (कद्दूकस किया हुआ)
हरा धनिया: आधा कप (बारीक कटा हुआ)
साबुत धनिया और सौंफ: 1-1 छोटा चम्मच (दरदरा कुटा हुआ)
हींग: 1 चुटकी
लाल मिर्च पाउडर: आधा छोटा चम्मच
चाट मसाला: आधा छोटा चम्मच
नमक: स्वादानुसार
तेल: तलने के लिए
बनाने का तरीका
स्टेप 1 - भीगी हुई मूंग दाल का पूरा पानी छान लें। अब मिक्सर में दाल, अदरक और हरी मिर्च डालकर दरदरा पीस लें। याद रखें, पीसते समय पानी का इस्तेमाल बिल्कुल न करें या जरूरत पड़ने पर सिर्फ 1 चम्मच पानी डालें। पेस्ट जितना गाढ़ा होगा, पकौड़े उतने ही क्रिस्पी बनेंगे।
स्टेप 2 - पिसे हुए मिश्रण को एक बड़े बर्तन में निकाल लें और हाथों या चम्मच की मदद से 2-3 मिनट के लिए इसे अच्छे से फेंटे। इससे दाल में हवा भर जाएगी और पकौड़े अंदर से सॉफ्ट और बाहर से एकदम कुरकुरे बनेंगे।
स्टेप 3 - अब इस मिश्रण में कुटा हुआ साबुत धनिया-सौंफ, हींग, लाल मिर्च पाउडर, बारीक कटा प्याज, हरा धनिया और स्वादानुसार नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें।
स्टेप 4 - अब कढ़ाई में तेल गर्म करें। जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए तो इसमें छोटे छोटे पकौड़े की लोई बनाकर डालें। गैस की आंच को मीडियम कर दें ताकि पकौड़े अंदर तक अच्छी तरह पक जाएं। उन्हें अलट-पलट कर गोल्डन ब्राउन और क्रिस्पी होने तक तल लें। इसके बाद इसे निकालें और चाय के साथ इसका आनंद उठाएं।
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लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
