गुलाब जामुन हर निवाले मिलेगा हलवाई जैसा स्वाद
गुलाब जामुन :त्योहारों का सीजन हो या फिर कोई खास मौका, मीठे के बिना ये सारी चीजें अधूरी लगती है। गुलाब जामुन एक ऐसी मिठाई है जिसका नाम सुनते ही लोगों मुंह में पानी भर जाता है। लेकिन हर बार बाजार का गुलाब जामुन खाने का मन नहीं करता। लेकिन अक्सर हम जब घर पर गुलाब जामुन बनाते हैं, तो वे या तो अंदर से सख्त रह जाते हैं या तलते समय फटने लगते हैं। लेकिन सही गाइडेंस की मदद से आप घर पर बाजार जैसे गुलाब जामुन बना सकते हैं। यहां गुलाब जामुन की आसान सी रेसिपी दी गई है।
सामग्री
गुलाब जामुन के लिए
मावा (मावा/खोया): 250 ग्राम
मैदा: 50 ग्राम (लगभग 3-4 बड़े चम्मच)
पनीर: 50 ग्राम
बेकिंग सोडा: एक चुटकी
घी/तेल: तलने के लिए
चाशनी के लिए
चीनी: 2 कप (लगभग 400 ग्राम)
पानी: 2 कप
हरी इलायची: 4-5
केसर के धागे: 8-10
गुलाब जल: 1 छोटा चम्मच
बनाने का तरीका
स्टेप 1
सबसे पहले एक बर्तन में चीनी और पानी मिलाकर मध्यम आंच पर उबालें। जब चीनी घुल जाए, तो इसमें कुटी इलायची और केसर डालें। चाशनी को 5-6 मिनट तक पकने दें। ध्यान रखें कि हमें कोई तार वाली चाशनी नहीं बनानी है, बस यह छूने में थोड़ी चिपचिपी होनी चाहिए। चाशनी बनाने के बाद गैस बंद कर दें।
स्टेप 2
अब एक परात में मावा और कद्दूकस किया पनीर लें। इसे अपनी हथेली के पिछले हिस्से से 4-5 मिनट तक अच्छे से मसलें ताकि यह बिल्कुल स्मूथ हो जाए। अब इसमें मैदा और एक चुटकी बेकिंग सोडा मिलाएं। सब कुछ हल्के हाथों से मिलाकर एक नरम डो तैयार कर लें।
स्टेप 3
तैयार मिश्रण से छोटी-छोटी लोइयां तोड़ें और दोनों हथेलियों के बीच हल्का दबाव देते हुए चिकनी बॉल्स बनाएं। ध्यान रहे कि बॉल्स में एक भी दरार न हो, वरना तलते समय ये फट सकती हैं।
स्टेप 4
कढ़ाई में घी या तेल मध्यम-धीमी आंच पर गरम करें। तेल बहुत ज्यादा गरम नहीं होना चाहिए। अब एक-एक करके बॉल्स डालें और कलछी से तेल को घुमाएं। फिर इसे धीमी आंच पर सुनहरा-भूरा होने तक तलें।
स्टेप 5
तलने के बाद गुलाब जामुन को सीधे हल्की गरम चाशनी में डालते जाएं। इन्हें कम से कम 2 से 3 घंटे के लिए चाशनी में ही रहने दें ताकि वे अंदर तक रस सोख लें।
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लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
